
Save the Girl Child: समाज की वो नींव हैं बेटियां, जिनके बिना सशक्त राष्ट्र की कल्पना भी अधूरी है। इसी कल्पना को साकार करने के लिए बोकारो में एक बड़ी पहल हुई है, जहां सदर अस्पताल में ‘बेटी बचाओ’ का संकल्प गूंज उठा।
गुरुवार, 12 मार्च, 2026 को बोकारो स्थित सदर अस्पताल में ‘प्री-कंसेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक’ कार्यक्रम के तत्वावधान में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का केंद्रीय उद्देश्य समाज में Save the Girl Child के संदेश को सशक्त बनाना और PCPNDT एक्ट के कड़े प्रावधानों से लोगों को अवगत कराना था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
Save the Girl Child अभियान के तहत क्या बोले उपाधीक्षक
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. एनपी सिंह ने भ्रूण लिंग जांच और कन्या भ्रूण हत्या के गंभीर सामाजिक दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि PCPNDT अधिनियम के तहत किसी भी रूप में लिंग चयन या भ्रूण लिंग की जांच करना एक गंभीर कानूनी अपराध है। उन्होंने समाज में महिलाओं की अमूल्य भूमिका, महिला सशक्तिकरण और बेटियों के सम्मान व अधिकारों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
डॉ. सिंह ने कहा कि बेटियों को पढ़ाकर और उन्हें आगे बढ़ाकर ही एक विकसित समाज का निर्माण किया जा सकता है। इस दिशा में सामाजिक जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
अधिकारियों ने लिया बेटी बचाने का संकल्प
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उपाधीक्षक डॉ. एनपी सिंह के अलावा डॉ. राज कुमार दास, पवन कुमार श्रीवास्तव, डीपीएम हीना गौरव बरवाल, डीपीसी, डीडीएम और डीपीएमयू कोऑर्डिनेटर सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सभी उपस्थित लोगों ने एकजुट होकर ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के संदेश को समाज के हर व्यक्ति तक पहुंचाने का दृढ़ संकल्प लिया, ताकि समाज में लैंगिक समानता की भावना को और मजबूत किया जा सके।






