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मार्च, 13, 2026
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Kharmas News: खुशख़बर! खरमास के बाद फिर बजेंगी शहनाइयां, जानिए अप्रैल से जुलाई तक के शुभ विवाह मुहूर्त, पढ़िए… किस दिन से लगेगा खरमास, कब से कब तक रहेगा मांगलिक कार्यों पर विराम?

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Kharmas News: जब सूर्य देव मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तो मांगलिक कार्यों पर एक महीने का विराम लग जाता है। यह खगोलीय घटना केवल पंचांग का परिवर्तन नहीं, बल्कि सनातन परंपराओं के ठहराव का संकेत देती है, जहां उत्सवों की जगह साधना ले लेती है।

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खुशख़बर! खरमास के बाद फिर बजेंगी शहनाइयां: जानिए अप्रैल से जुलाई तक के शुभ विवाह मुहूर्त

खरमास: कब से कब तक रहेगा मांगलिक कार्यों पर विराम?

Kharmas News: सनातन धर्म में मीन संक्रांति के साथ खरमास का प्रारंभ एक विशेष अवधि मानी जाती है, जिसमें विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे सभी मांगलिक कार्य वर्जित हो जाते हैं। ज्योतिष गणना के अनुसार, इस वर्ष 15 मार्च से यह अवधि शुरू हो रही है, जो अगले एक माह तक चलेगी। सूर्य देव के मेष राशि में प्रवेश करते ही, यानी 14 अप्रैल को, एक बार फिर शुभ कार्यों का सिलसिला प्रारंभ हो जाएगा।

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पंडित आनंद झा के अनुसार, 14 मार्च की रात 3 बजकर 07 मिनट पर सूर्य मीन राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे 15 मार्च से मीन संक्रांति का खरमास शुरू हो जाएगा। इस दौरान विवाह जैसे अनुष्ठान नहीं किए जाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि साल में दो बार खरमास आता है, और यह अवधि सांसारिक आयोजनों की बजाय आध्यात्मिक साधना, जप, तप, ध्यान, पूजा-पाठ और दान-पुण्य के लिए अधिक शुभ फलदायी होती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, विवाह जैसे महत्वपूर्ण संस्कार के लिए ग्रह-नक्षत्रों की अनुकूल स्थिति अनिवार्य है। शुभ लग्न, उचित नक्षत्र और मंगलकारी वार मिलकर ही श्रेष्ठ विवाह मुहूर्त का निर्माण करते हैं। परंपरा के अनुसार, प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, अष्टमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी और पूर्णिमा तिथियां विवाह के लिए शुभ मानी जाती हैं। वहीं, रविवार, सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को मांगलिक कार्यों के लिए अनुकूल माना गया है।

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खरमास समाप्ति के बाद, विवाह के लिए शुभ तिथियां

खरमास की समाप्ति के साथ ही अप्रैल माह से एक बार फिर से शहनाइयां गूंजने लगेंगी। आइए जानते हैं मिथिला और बनारसी पंचांग के अनुसार आगामी महीनों के शुभ विवाह मुहूर्त:

मिथिला पंचांग के अनुसार विवाह की शुभ तिथियां:

  • अप्रैल: 17, 20, 26 और 30
  • मई: 1, 6, 8, 10 और 13
  • जून: 19, 24, 25, 26, 28 और 29
  • जुलाई: 1, 2, 3, 6, 9 और 12
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बनारसी पंचांग के अनुसार विवाह की शुभ तिथियां:

  • अप्रैल: 15, 16, 20, 21, 25, 26, 27, 28, 29 और 30
  • मई: 1, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 12 और 13
  • जून: 19 से 29 जून तक कई तिथियां विवाह के लिए उपयुक्त हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
  • जुलाई: 1, 2, 6, 7, 8, 11 और 12
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इस वर्ष विवाह के इच्छुक जोड़ों के लिए अप्रैल से जुलाई तक कई शुभ तिथियां उपलब्ध हैं, जो परिवारों में खुशियां लेकर आएंगी। इन शुभ मुहूर्तों में ही विवाह बंधन में बंधना श्रेष्ठ माना जाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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