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मार्च, 13, 2026
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चैत्र नवरात्रि 2026: जानिए किस दिन होगी मां दुर्गा के किस स्वरूप की पूजा

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Chaitra Navratri 2026: भारतीय संस्कृति में चैत्र नवरात्रि का पर्व अत्यंत पावन और महत्वपूर्ण माना जाता है। यह नौ दिनों का महापर्व मां दुर्गा के विभिन्न देवी स्वरूपों की आराधना को समर्पित है, जो भक्तों को शक्ति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है। इस दौरान हर दिन मां के एक विशेष स्वरूप की पूजा कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है। यदि आप भी वर्ष 2026 में आने वाली चैत्र नवरात्रि की तिथियों और किस दिन किस देवी की पूजा होगी, इसकी संपूर्ण जानकारी चाहते हैं, तो यह विस्तृत लेख आपके लिए ही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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चैत्र नवरात्रि 2026: जानिए किस दिन होगी मां दुर्गा के किस स्वरूप की पूजा

चैत्र नवरात्रि 2026: नौ दिनों की पावन पूजन विधि और महत्त्व

हर वर्ष चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से चैत्र नवरात्रि का आरंभ होता है, जो नवमी तिथि तक चलता है। वर्ष 2026 में, यह पवित्र पर्व 19 मार्च, गुरुवार से प्रारंभ होगा, जब घटस्थापना के साथ मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों की भक्तिपूर्वक आराधना की जाती है, जो हमें जीवन के हर क्षेत्र में सफलता और शांति का मार्ग दिखाती है। ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा के अनुसार, आइए जानते हैं चैत्र नवरात्रि के इन पावन दिनों में किस दिन कौन से देवी स्वरूप की पूजा की जाएगी।

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चैत्र नवरात्रि 2026 का पूजा कैलेंडर इस प्रकार है:

  • पहला दिन (19 मार्च 2026, गुरुवार): मां शैलपुत्री की पूजा। यह दिन पर्वतराज हिमालय की पुत्री और सती के स्वरूप मां शैलपुत्री को समर्पित है।
  • दूसरा दिन (20 मार्च 2026, शुक्रवार): मां ब्रह्मचारिणी की पूजा। तपस्या, वैराग्य और संयम की प्रतीक मां ब्रह्मचारिणी की आराधना की जाती है।
  • तीसरा दिन (21 मार्च 2026, शनिवार): मां चंद्रघंटा की पूजा। शांति और वीरता का अद्भुत संगम, मां चंद्रघंटा भक्तों के कष्ट हरती हैं।
  • चौथा दिन (22 मार्च 2026, रविवार): मां कूष्मांडा की पूजा। अपनी मंद मुस्कान से ब्रह्मांड की उत्पत्ति करने वाली मां कूष्मांडा का पूजन होता है।
  • पांचवां दिन (23 मार्च 2026, सोमवार): मां स्कंदमाता की पूजा। भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की माता, ममता और वात्सल्य की प्रतीक हैं मां स्कंदमाता।
  • छठा दिन (24 मार्च 2026, मंगलवार): मां कात्यायनी की पूजा। महिषासुर मर्दिनी मां कात्यायनी शक्ति और शौर्य का प्रतीक हैं।
  • सातवां दिन (25 मार्च 2026, बुधवार): मां कालरात्रि की पूजा। काल का नाश करने वाली और शुभ फल देने वाली मां कालरात्रि की आराधना।
  • आठवां दिन (26 मार्च 2026, गुरुवार): मां महागौरी की पूजा। शुचिता, पवित्रता और सौम्यता की प्रतिमूर्ति मां महागौरी की पूजा।
  • नौवां दिन (27 मार्च 2026, शुक्रवार): मां सिद्धिदात्री की पूजा। सभी प्रकार की सिद्धियां प्रदान करने वाली मां सिद्धिदात्री की आराधना के साथ नवरात्रि का समापन होता है। इस दिन हवन और कन्या पूजन का भी विधान है।
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यह नौ दिनों का पावन पर्व हमें मां दुर्गा की असीम शक्ति और कृपा का अनुभव कराता है। सच्चे मन और श्रद्धा से की गई पूजा-अर्चना सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करती है और जीवन में सुख-शांति लाती है। इन तिथियों का स्मरण कर भक्तगण मां भगवती की उपासना कर सकते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इन पावन दिनों में स्वच्छता और सात्विकता का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि मां दुर्गा को शुद्धता और पवित्रता अत्यंत प्रिय है।

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