
Jale Road Construction: नेताओं के वादे और शिलान्यास के पत्थर, अक्सर उम्मीदों की कब्रगाह बन जाते हैं। जाले में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है, जहां एक अहम सड़क का चौड़ीकरण और नवीनीकरण का काम शिलान्यास के महीनों बाद भी अधर में लटका है। स्थानीय निवासियों की नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है, क्योंकि उनकी रोजमर्रा की जिंदगी इस अधूरी परियोजना से प्रभावित हो रही है।
क्यों महत्वपूर्ण है Jale Road Construction का यह प्रोजेक्ट?
जाले-जोगियारा-मकिया सड़क को इस क्षेत्र की जीवन रेखा माना जाता है। यह सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि प्रगति का वह मार्ग है जो प्रखंड मुख्यालय, कृषि विज्ञान केंद्र और जोगियारा रेलवे स्टेशन जैसे महत्वपूर्ण स्थानों को जोड़ता है। इसी रास्ते से होकर लोग थाना, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, एएनएम स्कूल, गैस गोदाम, प्रखंड सह अंचल मुख्यालय, एसएफसी गोदाम और पशु चिकित्सालय तक पहुंचते हैं। जोगियारा रेलवे स्टेशन जाने के लिए भी हजारों लोग प्रतिदिन इसी मार्ग का उपयोग करते हैं।
वर्तमान में सड़क की चौड़ाई इतनी कम है कि दो वाहनों का एक साथ गुजरना भी मुश्किल हो जाता है। इस कारण यहां आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है और छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं आम हो गई हैं। बारिश के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब सड़क के किनारों पर जलजमाव हो जाने से राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
कब और किसने किया था शिलान्यास?
जानकारी के अनुसार, पिछले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले 26 सितंबर 2020 को लतराहा-दोघरा हाई स्कूल के मैदान में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस सभा में तत्कालीन नगर विकास एवं आवास मंत्री और स्थानीय विधायक जीवेश कुमार ने पथ निर्माण विभाग की ओर से विधानसभा क्षेत्र की पांच सड़कों के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण का शिलान्यास किया था। इन पांच योजनाओं में 7.793 किलोमीटर लंबी जाले-जोगियारा-मकिया सड़क भी शामिल थी, जिसके लिए 23 करोड़ 10 लाख 63 हजार रुपये की भारी-भरकम राशि आवंटित की गई थी।
शिलान्यास के बाद क्षेत्र के लोगों में एक उम्मीद जगी थी कि अब उन्हें संकरी और जर्जर सड़क से मुक्ति मिल जाएगी, लेकिन यह उम्मीद महीनों बीत जाने के बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। इस महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्य में हो रही देरी को लेकर क्षेत्र के लोगों में भारी नाराजगी है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही काम शुरू नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने पर विवश होंगे।
अधर में लटका 23 करोड़ का प्रोजेक्ट
करोड़ों की लागत वाली इस परियोजना का धरातल पर न उतरना कई सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण जल्द से जल्द शुरू कराया जाए ताकि क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन कब नींद से जागता है और इस लंबित पड़ी परियोजना पर काम शुरू करवाता है।


