
Darbhanga News: जैसे सूखी जमीन पर पानी की कुछ बूंदें हरियाली ला देती हैं, वैसे ही आपसी सहमति का एक कदम बड़े-बड़े विवादों को खत्म कर देता है। दरभंगा में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत इसी भावना का प्रतीक बनी, जहां हजारों चेहरों पर मुस्कान लौट आई।
Darbhanga News: आपसी सहमति से खत्म हुए विवाद, लोगों के चेहरे खिले
शनिवार को दरभंगा न्यायालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत आपसी सुलह और सौहार्द की मिसाल बन गई। इस अवसर पर उद्घाटन भाषण देते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष शिव गोपाल मिश्रा ने कहा, “दो कदम तुम चलो, दो कदम हम चलें, दूरियां स्वतः समाप्त हो जाएंगी। यहां से शांति का पैगाम लेकर घर जाएं। लोक अदालत में किसी की हार नहीं होती, दोनों पक्षों की जीत होती है।” उन्होंने बैंक पदाधिकारियों को भी अधिक से अधिक लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए संवेदनशील होकर मामलों का निपटारा करने की सलाह दी।
इस विशेष आयोजन का उद्देश्य लंबे समय से चले आ रहे विवादों को एक ही दिन में आपसी सहमति से खत्म करना था। दूर-दराज से आए पक्षकार अपने मामलों को सुलझाकर खुशी-खुशी घर लौटे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जिला प्रशासन और न्यायिक अधिकारियों के इस प्रयास से हजारों लोगों को बड़ी राहत मिली।
अधिकारियों ने बताया लोक अदालत को ‘वरदान’
कार्यक्रम में मौजूद डीएम सह प्राधिकार के उपाध्यक्ष कौशल कुमार ने इस पहल को पक्षकारों के लिए एक वरदान बताया। उन्होंने कहा, “यह आपकी अपनी अदालत है। छोटे-छोटे विवादों को आपस में मिलकर स्वयं समाप्त कराएं। यह ऋणमुक्ति का एक सुनहरा अवसर प्रदान करता है।” उन्होंने आगे कहा कि इससे लोगों के बहुमूल्य समय और धन दोनों की बचत होती है, जो समाज और राष्ट्र के विकास का मार्ग प्रशस्त करता है।
वहीं, वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने सामाजिक सौहार्द पर जोर देते हुए कहा कि लोगों को आपसी कटुता भूलकर आगे बढ़ना चाहिए। इस पहल के फायदे ही फायदे हैं। बार एसोसिएशन के महासचिव कृष्ण कुमार मिश्रा ने भी कहा कि इस लोक अदालत का प्रत्यक्ष लाभ जिले के लोगों को मिल रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस मौके पर परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश प्रमोद कुमार पंकज, एडीजे रविशंकर कुमार, और स्थायी लोक अदालत के पीठासीन पदाधिकारी सुरेंद्रनाथ त्रिपाठी समेत कई अन्य न्यायिक पदाधिकारी मौजूद रहे।
आंकड़ों में लोक अदालत की सफलता
इस राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए कुल 16 खंडपीठों का गठन किया गया था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। दिन भर चली कार्यवाही के बाद कुल 2191 मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया।
इन मामलों में उत्पाद, क्लेम, श्रम, वन अधिनियम, और मोटर वाहन अधिनियम के अलावा विभिन्न बैंकों के ऋण, टेलीफोन और बिजली बिल से संबंधित विवाद भी शामिल थे। इन सभी मामलों में कुल मिलाकर 6 करोड़ 79 लाख 98 हजार 938 रुपये का विशाल सेटलमेंट किया गया, जिससे सैकड़ों परिवारों को बड़ी आर्थिक और मानसिक राहत मिली। कार्यक्रम के अंत में प्राधिकार की सचिव आरती कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया।







