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मार्च, 15, 2026
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LPG Cylinder: रसोई के ईंधन पर सरकार का बड़ा फैसला, क्या बदलेंगे आपके किचन के नियम?

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LPG Cylinder: वैश्विक भू-राजनीति की आंच अब आपकी रसोई तक पहुंच गई है। एक ऐसा समय जब घर-घर में गैस की सुविधा एक आम बात हो चुकी है, केंद्र सरकार ने ईंधन के इस्तेमाल को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और सख्त निर्णय लिया है।

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LPG Cylinder: रसोई के ईंधन पर सरकार का बड़ा फैसला, क्या बदलेंगे आपके किचन के नियम?

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केंद्र सरकार ने घरेलू ईंधन के उपयोग के संबंध में एक बड़ा और सख्त निर्णय लिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी एक ताजा अधिसूचना के अनुसार, जिन घरों में पाइप वाली नेचुरल गैस (PNG) का कनेक्शन है, उन्हें अब तुरंत अपना LPG Cylinder कनेक्शन छोड़ना होगा। यह कदम मध्य पूर्व में चल रहे भीषण युद्ध और ‘Strait of Hormuz’ में ईंधन आपूर्ति बाधित होने के कारण उत्पन्न वैश्विक संकट के बीच उठाया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शनिवार को एक अधिसूचना जारी की, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जिन घरों में PNG और घरेलू LPG दोनों कनेक्शन हैं, उन्हें LPG कनेक्शन छोड़ना होगा और किसी भी सरकारी तेल कंपनी या उसके डिस्ट्रीब्यूटर से सिलेंडर रीफिल नहीं लेना होगा। यह बदलाव उन परिवारों के लिए सीधा प्रभाव डालेगा जो अभी तक दोनों सुविधाओं का लाभ उठा रहे थे।

LPG Cylinder कनेक्शन पर सख्त हुए नियम: क्या है सरकार का नया फरमान?

यह अधिसूचना, जो मध्य पूर्व में चल रहे संकट के कारण वैश्विक ईंधन आपूर्ति में रुकावट के बीच जारी की गई है, लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (आपूर्ति और वितरण का विनियमन) आदेश में एक संशोधन के रूप में आई है। संशोधित आदेश PNG का उपयोग करने वालों को नया घरेलू LPG कनेक्शन लेने से भी प्रतिबंधित करता है। मंत्रालय ने अपने निर्देश में कहा है, “जिस किसी व्यक्ति के पास पाइप वाली नेचुरल गैस का कनेक्शन है और साथ ही घरेलू LPG का कनेक्शन भी है, वह घरेलू LPG कनेक्शन अपने पास नहीं रख सकता, और न ही किसी सरकारी तेल कंपनी या उसके डिस्ट्रीब्यूटर से घरेलू LPG सिलेंडरों के लिए रीफिल ले सकता है। ऐसे व्यक्तियों को तुरंत अपना घरेलू LPG कनेक्शन छोड़ना होगा।” यह फैसला देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

सरकार के इस नोटिफिकेशन के कुछ ही घंटे पहले, भारत में ईरान के राजदूत, मोहम्मद फथाली ने पुष्टि की थी कि कुछ भारतीय जहाजों को ‘Strait of Hormuz’ से गुजरने की अनुमति दी गई है। उन्होंने नई दिल्ली और तेहरान के बीच पुरानी दोस्ती और साझा हितों का हवाला देते हुए स्वीकार किया कि भारत के साथ बातचीत करने में शुरू में कुछ दिक्कतें आई थीं, लेकिन अब दोनों देश “एक-दूसरे का साथ दे रहे हैं।” आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

फथाली ने इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में बोलते हुए कहा, “हाँ, हमने कुछ जहाजों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी है, लेकिन इस समय हम यह नहीं बता सकते कि कितने। मैं भविष्य में इस मुद्दे पर आगे बात करूँगा। ईरान और भारत के ऐतिहासिक संबंध और साझा हित हैं।” यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा व्यापार एक संवेदनशील दौर से गुजर रहा है।

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शुक्रवार को, ईरान ने भारत के झंडे वाले दो LPG वाहक जहाजों, शिवालिक और नंदा देवी को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी थी। यह मार्ग ईरान और इज़राइल तथा अमेरिका के संयुक्त मोर्चे के बीच चल रहे युद्ध के चलते मार्च के पहले सप्ताह से ही लगभग बंद था। यह संकरा जलमार्ग एक महत्वपूर्ण अवरोधक बिंदु है, जिससे दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल गुजरता है।

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भारत के लिए, होर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना एक बड़ी सिरदर्दी बन गया है। भारत अपनी LPG की 60 प्रतिशत ज़रूरतें आयात करता है, जिसमें से 85-90 प्रतिशत हिस्सा सऊदी अरब और UAE जैसे खाड़ी देशों से आता है। ये देश तेल और प्राकृतिक गैस की शिपिंग के लिए ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़’ मार्ग का उपयोग करते हैं। ऐसे में इस जलडमरूमध्य की सुरक्षा और सुचारु संचालन भारत की ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/

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बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर असर

वैश्विक स्तर पर ईंधन आपूर्ति में अनिश्चितता को देखते हुए, भारत सरकार का यह कदम देश की ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। PNG कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को LPG सिलेंडर कनेक्शन छोड़ने का निर्देश न केवल आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव कम करेगा, बल्कि देश को अंतरराष्ट्रीय उथल-पुथल के प्रभावों से भी बचाएगा। यह नीतिगत बदलाव दीर्घकालिक ऊर्जा स्थिरता के लक्ष्यों के अनुरूप है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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