
Bihar Rajya Sabha Elections: बिहार की सियासत में पल-पल बदलते समीकरणों के बीच, राज्यसभा चुनाव का रण किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं रहा। पांच सीटों के लिए हुए इस मुकाबले में, सत्ता पक्ष ने अपनी बिसात ऐसी बिछाई कि विपक्ष के प्यादे चारों खाने चित हो गए।हाल ही में संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव के परिणामों ने बिहार की राजनीतिक गलियों में हलचल मचा दी है। सभी पांच सीटों पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के प्रत्याशियों ने शानदार जीत दर्ज की है, जबकि महागठबंधन के खेमे को बड़ा झटका लगा है। इस हार के पीछे महागठबंधन के चार विधायकों का ‘खेल’ माना जा रहा है, जिनमें कांग्रेस के तीन और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का एक विधायक शामिल है। इन्हीं विधायकों की अनुपस्थिति ने RJD प्रत्याशी अमरेंद्रधारी सिंह की हार का मार्ग प्रशस्त किया।
Bihar Rajya Sabha Elections: सियासी बिसात पर महागठबंधन को झटका
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने अपने तीन विधायकों की अनुपस्थिति पर खुलकर सफाई दी है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की साख पर सवाल के तौर पर देखा जा रहा है। राजेश राम ने सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर उनके विधायकों को ‘चुराने’ का आरोप लगाया है। यह घटनाक्रम बिहार की राजनीति में क्रॉस वोटिंग के नए अध्याय को खोल गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।Rajya Sabha Elections: चुनावी रणभूमि में जब दांव पर होती है प्रतिष्ठा और सत्ता का संतुलन, तब हर चाल सोच-समझकर चली जाती है। लेकिन बिहार की सियासी शतरंज में कुछ मोहरे ऐसे भी चले गए, जिन्होंने सारे समीकरण बदल दिए।
बिहार में राज्यसभा चुनाव: सत्ता के खेल में ‘अपनों’ की बगावत ने चौंकाया!
राज्यसभा चुनाव: एनडीए की झोली में सारी सीटें, महागठबंधन को बड़ा झटका
Rajya Sabha Elections: बिहार में हाल ही में संपन्न हुई राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। सभी पांच सीटों पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के प्रत्याशियों ने जीत हासिल की, जबकि महागठबंधन को करारा झटका लगा। इस अप्रत्याशित परिणाम के पीछे महागठबंधन के चार विधायकों का ‘खेल’ माना जा रहा है, जिसमें कांग्रेस के तीन और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के एक विधायक शामिल हैं। इस अंदरूनी बगावत के कारण राजद के प्रत्याशी अमरेंद्रधारी सिंह को हार का सामना करना पड़ा। इस पूरे घटनाक्रम को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के लिए एक बड़ी राजनीतिक हार के रूप में देखा जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने अपने तीन विधायकों की अनुपस्थिति पर सफाई देते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनके तीन विधायकों को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने ‘चुरा लिया’। कांग्रेस के विधायक सुरेंद्र कुशवाहा, मनोहर प्रसाद और मनोज विश्वास ने मतदान में भाग नहीं लिया, जिससे पार्टी को गहरा आघात लगा।
‘हॉर्स ट्रेडिंग’ और ‘हाउस अरेस्ट’ के आरोप
राजेश राम ने आगे बताया कि 13 मार्च के बाद से ही उनके विधायक संपर्क से बाहर होने लगे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायकों के घरों पर पुलिस का पहरा बढ़ा दिया गया और उन्हें डराया जाने लगा। कांग्रेस अध्यक्ष ने स्पष्ट रूप से हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके विधायकों को एक तरह से हाउस अरेस्ट कर लिया गया था। यह घटना बिहार की राजनीति में दल-बदल और क्रॉस वोटिंग की नई बहस छेड़ गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/राजेश राम ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा जहां भी रहती है, वह वोटों की चोरी करके सरकार बनाने का प्रयास करती है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी कई राज्यों में ऐसा काम कर चुकी है। जब ये लोग सामान्य मतदान से नहीं जीत पाते हैं, तो विधायकों को अपने पक्ष में करने के लिए हर संभव हथकंडा अपनाते हैं। उन्होंने दोहराया कि इस बार भी महागठबंधन के जीते हुए प्रतिनिधियों को बीजेपी ने ‘चुरा लिया’। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम का बीजेपी पर गंभीर आरोप
राजेश राम के अनुसार, कांग्रेस के विधायक सुरेंद्र कुशवाहा, मनोहर प्रसाद और मनोज विश्वास ने मतदान प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने बताया कि 13 मार्च के बाद से ही ये विधायक उनके संपर्क से बाहर होने लगे थे। उनके घरों पर पुलिस का पहरा बढ़ा दिया गया और उन्हें लगातार डराया जा रहा था। राम ने ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ यानी विधायकों की खरीद-फरोख्त का भी जिक्र किया और कहा कि उनके विधायकों को ‘हाउस अरेस्ट’ कर लिया गया था।राजेश राम ने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि जहां भी बीजेपी रहती है, वह वोटों की चोरी करके सरकार बनाती है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी कई राज्यों में ऐसा कर चुकी है। जब ये लोग सीधे वोटों से नहीं जीत पाते, तो विधायकों को चुरा लेते हैं। इस बार भी हमारे जीते हुए प्रतिनिधियों को बीजेपी ने चुरा लिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
सियासी समीकरण और भविष्य की चुनौतियाँ
इस घटना ने बिहार की राजनीतिक स्थिरता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। महागठबंधन के अंदरूनी समीकरणों और विधायकों की निष्ठा पर भी बहस छिड़ गई है। आगामी चुनावों के मद्देनजर, इस प्रकार की क्रॉस वोटिंग और ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ की शिकायतें निश्चित तौर पर राजनीतिक दलों के लिए चिंता का विषय बनेंगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


