
Odisha Vigilance: कहते हैं कि बाप का साया सिर पर हो तो दुनिया जीती जा सकती है, लेकिन यहां तो बाप-बेटे की एक जोड़ी ने मिलकर सरकारी खजाने को ही चूना लगाने का हैरतअंगेज कारनामा कर डाला। ओडिशा के जाजपुर जिले में एक रिटायर्ड हेडमास्टर पिता और बैंक मैनेजर बेटे ने मिलकर शिक्षा विभाग को पूरे 5.56 करोड़ रुपये का चूना लगा दिया। यह बड़ी कार्रवाई Odisha Vigilance की टीम ने की, जिसने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
यह सनसनीखेज मामला जाजपुर जिले के कोरेई ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय से जुड़ा है, जहां बड़े पैमाने पर सरकारी धन के दुरुपयोग का खुलासा हुआ है। गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी की पहचान भद्रक स्थित जाना स्मॉल फाइनेंस बैंक के ब्रांच हेड मत्रुप्रसाद मोहंती के रूप में हुई है। इस पूरे घोटाले की पटकथा उसके पिता प्रदीप कुमार मोहंती ने लिखी थी, जो बीईओ कार्यालय में एक सेवानिवृत्त हेडमास्टर के रूप में पुनर्नियुक्त थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Odisha Vigilance की जांच में हुआ घोटाले का पर्दाफाश
विभाग की जांच में यह बात सामने आई कि पिता-पुत्र ने एक सोची-समझी साजिश के तहत इस पूरे घोटाले को अंजाम दिया। प्रदीप कुमार मोहंती ने बीईओ कार्यालय में अपनी पहुंच का फायदा उठाते हुए मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (HRMS) तक अवैध रूप से पहुंच बनाई। उसने सिस्टम में 13 ऐसे शिक्षकों का डेटा निकाला जो पहले ही रिटायर हो चुके थे और पेंशन ले रहे थे।
इसके बाद उसने रिकॉर्ड में हेरफेर कर इन सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों को “सक्रिय” सेवा में दिखा दिया। यह इस पूरे सरकारी गबन का सबसे महत्वपूर्ण कदम था। इसके बाद वह हर महीने इनके नाम पर फर्जी पेंशन बिल तैयार करता रहा। यह धोखाधड़ी नवंबर 2018 से सितंबर 2024 तक लगभग छह साल तक चलती रही। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
कैसे ठिकाने लगाई गई करोड़ों की रकम?
फर्जी बिलों से प्राप्त हुई धनराशि को बहुत ही चालाकी से अपने और परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता था। इसके लिए विभिन्न स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की शाखाओं का इस्तेमाल किया गया। बेटा मत्रुप्रसाद मोहंती, जो खुद एक बैंक का ब्रांच हेड था, इस पैसे को ठिकाने लगाने और बैंकिंग प्रणाली की खामियों का फायदा उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था।
इस संबंध में कटक विजिलेंस पुलिस स्टेशन में केस संख्या 11/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों पर भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 13(2) सहपठित 13(1)(a) और भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 477-A, और 120-B के तहत आरोप लगाए गए हैं। फिलहाल दोनों आरोपियों को स्पेशल जज, विजिलेंस, कटक की अदालत में पेश किया गया है और मामले की जांच जारी है। विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है कि इस घोटाले में और कौन-कौन शामिल हो सकता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। विभाग को उम्मीद है कि जांच में और भी कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।






