
Bhagalpur News: जैसे दो अलग-अलग रंगों की नदियां एक संगम पर मिलती हैं, वैसे ही भागलपुर में ईद और चैती नवरात्र का संगम शांति और सौहार्द की नई धारा लिखने को तैयार है। इसी कड़ी में प्रशासन ने भी कमर कस ली है।
भागलपुर के नाथनगर स्थित ललमटिया थाना परिसर में गुरुवार को आगामी चैती नवरात्र और ईद के त्यौहारों को लेकर एक महत्वपूर्ण शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता स्वयं थानाध्यक्ष दीपक पासवान ने की, जिसमें क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और शांतिदूत शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों समुदायों के प्रमुख त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना था।
बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने एकमत से यह संकल्प लिया कि ईद और चैती नवरात्र का पर्व आपसी भाईचारे और प्रेम के साथ मनाया जाएगा। प्रशासन ने इस दौरान कुछ कड़े दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि चैती दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए शोभायात्रा अपने पूर्व निर्धारित मार्ग से ही निकलेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। किसी भी नए रूट की अनुमति नहीं दी जाएगी। सबसे बड़ा फैसला यह रहा कि विसर्जन शोभायात्रा में डीजे बजाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिसका उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Bhagalpur News: बैठक में इन मुद्दों पर बनी सहमति
शांति समिति की इस बैठक में केवल कानून-व्यवस्था पर ही नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकार से जुड़े मुद्दों पर भी गहन चर्चा हुई। सदस्यों ने त्योहारों के दौरान क्षेत्र में, विशेषकर पूजा पंडालों और मस्जिदों के आसपास, साफ-सफाई की व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग उठाई। इस बात पर भी जोर दिया गया कि इलाके में सांप्रदायिक सौहार्द बना रहे और किसी भी तरह की अफवाहों को फैलने से रोका जाए।
असामाजिक तत्वों पर रहेगी पैनी नजर
थानाध्यक्ष दीपक पासवान ने आश्वासन दिया कि त्योहार के दौरान पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहेगा। उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्वों और उपद्रवियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी ताकि शांति व्यवस्था में कोई खलल न पड़े। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बैठक में यह भी तय हुआ कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट या अफवाह फैलाने वालों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
इस महत्वपूर्ण बैठक में पूर्व पार्षद अमरकांत मंडल, शांतिदूत नीलम देवी, जवाहर मंडल, कमल किशोर सिंह, मुकेश कुमार, पन्नालाल, पूनम देवी, जीवन कुमार और राहुल जी समेत कई अन्य प्रतिष्ठित व्यक्ति मौजूद थे, जिन्होंने अपने बहुमूल्य सुझाव दिए और प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।







