
Bihar Weather: कुशेश्वरस्थान। आसमान से बरसी आफत ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। प्रकृति के रौद्र रूप ने लहलहाती फसलों को खेतों में ही दफना दिया, जिससे अन्नदाता की आंखों में आंसू और दिल में दर्द है।
Bihar Weather Update: तेज हवाओं ने बिछा दी फसल की चादर
कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड में बीते शुक्रवार शाम करीब छह बजे मौसम ने ऐसी करवट ली कि किसानों की दुनिया ही उजड़ गई। तेज आंधी के साथ शुरू हुई मूसलाधार बारिश रात 10:30 बजे तक जारी रही। इस दौरान चले हवा के तेज झोंकों ने खेतों में सोने की तरह चमक रही गेहूं और मकई की फसलों को जमीन पर गिराकर तहस-नहस कर दिया। रात भर किसान अनहोनी की आशंका से सो नहीं पाए और सुबह होते ही जब वे अपने खेतों की ओर भागे, तो वहां का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
खेतों में बिछी फसल की चादर ने उनकी साल भर की मेहनत और उम्मीदों को तोड़ दिया था। प्रखंड के महिसोट निवासी संतोष यादव, सुघराईन के विवेकानंद राय, बाघमारा के शिव शंकर यादव और इटहर निवासी घनश्याम ठाकुर व बिमल पंडित जैसे कई किसानों ने अपना दुखड़ा सुनाया। उन्होंने बताया कि पिछले साल अक्टूबर में हुई बारिश ने धान की फसल बर्बाद कर दी थी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत जुटाकर रबी की फसल लगाई थी। गेहूं में बालियां भर रही थीं और मकई में भुट्टे निकलने लगे थे, लेकिन इस आपदा ने भारी फसल क्षति पहुंचाई है।
किसानों का छलका दर्द, बोले- लागत निकालना भी मुश्किल
किसानों ने नम आंखों से बताया कि उन्हें इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, जिससे वे पिछले नुकसान की भरपाई कर पाते। लेकिन अब तो लागत निकालना भी मुश्किल लग रहा है। बर्निया के राजेश राय ने कहा, “सारी मेहनत पर पानी फिर गया। अब हम क्या करेंगे, समझ नहीं आ रहा।” फसल गिर जाने से न केवल उत्पादन में भारी गिरावट आएगी, बल्कि कटाई का खर्च भी बढ़ जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
अधिकारी ने दिया जांच का आश्वासन
इस मामले पर जब प्रखंड कृषि पदाधिकारी (बीएओ) स्नेहिल कुमार वत्स से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि उन्हें किसान सलाहकारों और अन्य स्रोतों से गेहूं-मकई की फसल क्षति की सूचना मिली है। उन्होंने कहा, “किसान सलाहकारों से नुकसान का आकलन कर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। यह रिपोर्ट विभाग के वरीय अधिकारियों को भेजी जाएगी और उनके निर्देशानुसार ही किसानों की मदद के लिए आगे की कार्रवाई की जाएगी।”






