back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 22, 2026
spot_img

चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन करें माँ कूष्मांडा की आरती: सुख, समृद्धि और आरोग्य की कुंजी

spot_img
- Advertisement -

Maa Kushmanda Aarti: माँ कूष्मांडा, आदिशक्ति दुर्गा का चतुर्थ स्वरूप हैं, जिनकी आराधना चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन अत्यंत श्रद्धापूर्वक की जाती है। ब्रह्मांड को अपनी मंद मुस्कान से उत्पन्न करने वाली माँ कूष्मांडा भक्तों को रोग, शोक और दरिद्रता से मुक्ति प्रदान करती हैं। सच्ची भक्ति से माँ की पूजा और आरती करने से जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली आती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन करें माँ कूष्मांडा की आरती: सुख, समृद्धि और आरोग्य की कुंजी

माँ कूष्मांडा आरती का महत्व

नवरात्रि के पावन पर्व पर, विशेषकर चैत्र नवरात्रि के दौरान, माँ कूष्मांडा की उपासना का विशेष विधान है। माता कूष्मांडा को सृष्टि की जननी माना जाता है, जिन्होंने अपनी ईश्वरीय ऊर्जा से ब्रह्मांड की रचना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त पूर्ण आस्था और समर्पण भाव से माँ कूष्मांडा की पूजा और आरती करता है, उस पर माता की असीम कृपा बनी रहती है। माँ के आशीर्वाद से भक्तों के जीवन में आने वाली सभी बाधाएं दूर होती हैं और उन्हें बल, बुद्धि, विद्या, यश और धन की प्राप्ति होती है।

- Advertisement -

माँ कूष्मांडा की पूजा विधि (सामान्य)

  • स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • पूजा स्थल को गंगाजल से पवित्र करें।
  • माँ कूष्मांडा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
  • माँ को सिंदूर, अक्षत, धूप, दीप, गंध, पुष्प (गुड़हल का फूल विशेष प्रिय है), और फल अर्पित करें।
  • मिठाई और मालपुआ का भोग लगाएं।
  • अब नीचे दी गई माँ कूष्मांडा की आरती का श्रद्धापूर्वक गायन करें।
यह भी पढ़ें:  ईद उल फितर 2026: इबादत, इंसानियत और खुशियों का मुबारक पर्व

माँ कूष्मांडा की आरती

मैया जय कूष्माण्डा माता।
मैया जय कूष्माण्डा माता।
सत्यव्रत माता तेरी स्तुति दिन रात।
मैया जय कूष्माण्डा माता।

- Advertisement -

आदि शक्ति जगजननी माया।
नारायण रूप तू नारायणी छाया।
मैया जय कूष्माण्डा माता।

आदित्य की शक्ति है तू।
तेरा ही तेज है सबमें।
अदिति ने तेरा गुण गाया।
सत्यव्रत माता तेरी स्तुति दिन रात।
मैया जय कूष्माण्डा माता।

मैया जय कूष्माण्डा माता।
सत्यव्रत माता तेरी स्तुति दिन रात।
मैया जय कूष्माण्डा माता।

माँ कूष्मांडा मंत्र

पुराणों में माँ कूष्मांडा के कई मंत्रों का उल्लेख मिलता है, जिनमें से एक अत्यंत प्रभावशाली मंत्र यहाँ प्रस्तुत है:

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कूष्मांडायै नम:।।

यह मंत्र जाप करते हुए माँ का ध्यान करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

यह भी पढ़ें:  Chaiti Chhath 2026: चैती छठ में नहाय-खाय से उषा अर्घ्य तक की संपूर्ण विधि और महत्व

आरती का फल और उपसंहार

माँ कूष्मांडा की यह आरती भक्तों को न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करती है, बल्कि लौकिक सुखों की भी प्राप्ति कराती है। माँ की कृपा से गंभीर रोगों से मुक्ति मिलती है, दरिद्रता का नाश होता है और घर-परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है। चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन माँ कूष्मांडा का स्मरण और उनकी आरती का गायन कर, भक्तगण अपने जीवन को धन्य कर सकते हैं। माँ के चरणों में अर्पित यह भक्ति उन्हें मोक्ष का मार्ग भी प्रशस्त करती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

यह भी पढ़ें:  चैती छठ 2026: सुख-समृद्धि और आरोग्य का पावन पर्व

धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/dharm-adhyatm/

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

चैत्र नवरात्रि 2026: मां कूष्मांडा की पूजा से पाएं रोग-दुख से मुक्ति और समृद्धि

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि 2026 के चौथे दिन मां दुर्गा के कूष्मांडा स्वरूप...

मारुति सुजुकी फ्रोंक्स या ब्रेज़ा: कौन सी कॉम्पैक्ट SUV आपके लिए है बेहतर?

Maruti Suzuki Fronx: अगर आप एक नई कॉम्पैक्ट एसयूवी खरीदने की योजना बना रहे...

Chaitra Navratri 2026: मां कूष्मांडा की कृपा बरसाने वाला चैत्र नवरात्रि 2026 का चौथा दिन

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व आध्यात्मिक ऊर्जा से भरा हुआ है,...

IPL 2026: कैमरून ग्रीन की ‘बड़ी सैलरी’ पर अश्विन का बड़ा बयान, KKR को दी ये सलाह!

Cameron Green: आईपीएल के मैदान में हर खिलाड़ी की कीमत उसकी परफॉरमेंस से तय...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें