
Bihar News: जैसे एक कुशल माली अपने बगीचे के हर पौधे का ख्याल रखता है, ठीक वैसे ही एक जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र की नींव, यानी शिक्षा की जड़ों को सींचता है। केवटी में शनिवार को कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब स्थानीय विधायक मुरारी मोहन झा ने सरकारी स्कूलों की दशा और दिशा का जायजा लेने के लिए खुद मोर्चा संभाल लिया।
Bihar News: विधायक ने बैठक में किन मुद्दों पर दिया जोर?
शनिवार को केवटी विधायक मुरारी मोहन झा ने प्रखंड क्षेत्र के कई उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालयों का दौरा किया और विद्यालय प्रबंध समिति की बैठकों में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने उच्च विद्यालय मझिगामा, जेठियाही (असराहा) और उच्च विद्यालय छतवन में आयोजित बैठकों में हिस्सा लेकर शिक्षा की जमीनी हकीकत को परखा। विधायक ने विद्यालय प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिया कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
विधायक ने अपनी समीक्षा के दौरान कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया, जिनमें शामिल हैं:
- विद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियां और उनका स्तर
- छात्र-छात्राओं की उपस्थिति और उसे बढ़ाने के उपाय
- शिक्षकों की उपलब्धता और उनकी नियमितता
- पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं
उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को सुधारना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों को एक साथ मिलकर काम करना होगा।
अभिभावकों और समिति सदस्यों ने रखी अपनी समस्याएं
बैठक के दौरान उपस्थित अभिभावकों और समिति के सदस्यों ने भी खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने विद्यालयों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और जरूरतों को विधायक के सामने प्रस्तुत किया। विधायक मुरारी मोहन झा ने सभी को ध्यान से सुना और आश्वासन दिया कि सभी जायज मांगों पर विचार कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इन बैठकों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को बेहतर माहौल मिल सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
इन महत्वपूर्ण बैठकों में बीपीआरओ सह प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कुणाल कुमार के साथ-साथ संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, शिक्षकगण, विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण भी मौजूद रहे।




