
Patna News: वित्त वर्ष 2025-26 पटना नगर निगम के लिए एक ऐतिहासिक साल साबित हुआ है, जब वर्षों से अटके बकायों का बोझ हटा और खजाने में रौनक लौट आई। यह किसी सूखे कुएँ में पानी की वापसी जैसा है, जिससे शहर की आर्थिक सेहत मजबूत हुई है।
Patna News: पटना नगर निगम ने की बंपर वसूली, 112 करोड़ का संपत्ति कर जमा, PMCH-राजभवन जैसे दिग्गजों ने भी चुकाया बकाया!
Patna News: बकाया वसूली का नया अध्याय
Patna News: वित्तीय वर्ष 2025-26 पटना नगर निगम के लिए बेहद सफल रहा है। इस अवधि में निगम ने रिकॉर्ड 112 करोड़ रुपये का संपत्ति कर वसूला है। यह एक बड़ी उपलब्धि है क्योंकि शहर के सबसे बड़े संस्थान, जैसे कि पीएमसीएच (PMCH), राजभवन और पटना हाईकोर्ट, जिन्होंने वर्षों से संपत्ति कर का भुगतान नहीं किया था, उन्होंने भी अपने पुराने बकाए चुका दिए हैं। यह दर्शाता है कि निगम की सख्ती और नई नीतियों का सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
पटना नगर निगम की अभूतपूर्व पहल: बकायेदारों पर शिकंजा
पटना नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में संपत्ति कर वसूली में 112 करोड़ रुपये का आंकड़ा छूकर एक मिसाल कायम की है। यह वसूली न केवल छोटे करदाताओं से हुई है, बल्कि शहर के प्रतिष्ठित संस्थानों, जिनमें पीएमसीएच, राजभवन और पटना हाईकोर्ट जैसे बड़े नाम शामिल हैं, उन्होंने भी अपने वर्षों पुराने बकाए का भुगतान कर दिया है। निगम की इस मुहिम ने यह साबित कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
निगम अधिकारियों ने बताया कि इस बड़ी सफलता के पीछे ‘एकमुश्त समाधान योजना’ (OTS स्कीम) का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस कर वसूली योजना के तहत, करदाताओं को उनके बकाए पर लगे ब्याज में बड़ी छूट दी गई, जिससे उन्हें बकाया चुकाने के लिए प्रोत्साहन मिला। इसके अंतर्गत कुल 82 करोड़ रुपये का ब्याज माफ किया गया, जिसने हजारों बकाएदारों को राहत पहुंचाई और उन्हें अपने बकाया संपत्ति कर का भुगतान करने में मदद की।
राजभवन और पटना उच्च न्यायालय जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों द्वारा बकाया चुकाया जाना, एक संदेश देता है कि नियमों का पालन सभी के लिए समान रूप से आवश्यक है। इन संस्थानों के अलावा, पीएमसीएच सहित कुल नौ सरकारी अस्पतालों और कॉलेजों से भी निगम ने 6.25 करोड़ रुपये की वसूली की है। यह दर्शाता है कि निगम ने किसी भी बड़े या छोटे बकायेदार को नहीं बख्शा।
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निगम द्वारा चलाई गई ओटीएस (OTS – One Time Settlement) स्कीम के तहत बकाएदारों को बड़ा लाभ मिला है। इस योजना के माध्यम से कुल 82 करोड़ रुपये का ब्याज माफ किया गया है, जिससे कई संस्थानों और व्यक्तिगत करदाताओं को बकाया चुकाने में प्रोत्साहन मिला। यह एक रणनीतिक कदम था जिसने वसूली प्रक्रिया को गति दी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
विशेष रूप से सरकारी संस्थानों की बात करें तो, पटना नगर निगम ने पीएमसीएच सहित कुल नौ सरकारी अस्पतालों और कॉलेजों से 6.25 करोड़ रुपये की वसूली की है। इन संस्थानों में राजभवन और पटना हाईकोर्ट जैसे प्रमुख नाम भी शामिल हैं, जिन्होंने अपनी वर्षों पुरानी देनदारी पूरी की। यह कार्रवाई यह भी संदेश देती है कि कोई भी संस्थान, चाहे वह कितना भी बड़ा क्यों न हो, नगर निगम कर के दायरे से बाहर नहीं है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
बड़े संस्थानों का योगदान और आगे की राह
इस बंपर वसूली ने पटना नगर निगम की वित्तीय स्थिति को काफी मजबूत किया है। भविष्य में इन निधियों का उपयोग शहर के विकास कार्यों, नागरिक सुविधाओं में सुधार और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में किया जा सकेगा। निगम का यह कदम न केवल वित्तीय अनुशासन स्थापित करता है, बल्कि अन्य बकाएदारों को भी समय पर अपना बकाया चुकाने के लिए प्रेरित करता है। निगम प्रशासन अब आगे भी इसी तरह की कठोरता और प्रभावी योजनाओं के साथ वसूली अभियान जारी रखने का मन बना रहा है ताकि शहर की प्रगति में कोई बाधा न आए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।






