
Affordable Airport Food: एक तरफ जहां हवाई यात्रा को अक्सर विलासिता से जोड़कर देखा जाता है, वहीं दूसरी ओर आसमान छूती खान-पान की कीमतें यात्रियों की जेब पर भारी पड़ती थीं। अब ‘उड़ान यात्री कैफे’ इस धारणा को बदलने निकला है।
Affordable Airport Food: हवाई अड्डों पर अब जेब पर भारी नहीं पड़ेगी चाय-नाश्ता, राघव चड्ढा ने शेयर किया शानदार अनुभव
Affordable Airport Food: हवाई यात्रा अब सस्ती भी, सुविधाएं भी!
हवाई अड्डों पर किफायती भोजन का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट ने यात्रियों के लिए कम लागत वाले विकल्पों की उपलब्धता को उजागर किया है, जिससे देश भर में चर्चा छिड़ गई है। इस पूरी बहस का केंद्र ‘उड़ान यात्री कैफे’ है, जो हवाई अड्डे परिसर में यात्रियों को सस्ती दरों पर भोजन और पेय पदार्थ उपलब्ध कराने की एक महत्वपूर्ण पहल है। आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद राघव चड्ढा ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्थित इस कैफे में मात्र 10 रुपये में चाय खरीदने का अपना अनुभव साझा किया। हवाई अड्डों पर अक्सर महंगे भोजन के अभ्यस्त यात्रियों ने इस अनूठी पहल का गर्मजोशी से स्वागत किया है, इसे बेहद व्यावहारिक और समय की मांग बताया है। अपने सोशल मीडिया वीडियो पोस्ट में उन्होंने खुशी व्यक्त करते हुए लिखा, “सभी खुश हैं, सभी एक ही बात कह रहे हैं: जेब पर भारी नहीं, अच्छी सेवा, वैल्यू ऑफ मनी।”
हालांकि राघव चड्ढा के इस पोस्ट ने एक नई बहस छेड़ी है, लेकिन यह पहल दरअसल यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के केंद्र सरकार के व्यापक प्रयासों का ही एक हिस्सा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस तरह का पहला कैफे कोलकाता में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के तहत शुरू किया गया था। इसका प्राथमिक उद्देश्य यात्रियों के लिए बुनियादी खाद्य पदार्थों को किफायती बनाना था। ‘उड़ान यात्री कैफे’ नागरिक उड्डयन मंत्रालय और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) द्वारा संयुक्त रूप से शुरू की गई केंद्र सरकार की एक दूरदर्शी पहल है। इसका मुख्य लक्ष्य हवाईअड्डे परिसर के भीतर यात्रियों को स्वच्छ, गुणवत्तापूर्ण भोजन और पेय पदार्थ बेहद किफायती दामों पर मुहैया कराना है।
इस पहल से पहले, भारतीय हवाईअड्डों पर भोजन और पेय पदार्थ अक्सर अत्यधिक महंगे होते थे। एक बोतलबंद पानी की कीमत 100 रुपये तक पहुंच सकती थी, और समोसे जैसे साधारण स्नैक्स भी 150 रुपये से 200 रुपये के बीच मिलते थे। कई मध्यमवर्गीय यात्रियों के लिए इन खर्चों को वहन करना मुश्किल होता था, और उनके पास ऊंची कीमतों का भुगतान करने के अलावा अक्सर कोई विकल्प नहीं बचता था। ‘उड़ान यात्री कैफे’ उचित मूल्य वाले विकल्प उपलब्ध कराकर इस स्थिति को बदलने का लक्ष्य रखता है, जिससे बजट के प्रति सचेत यात्रियों को बड़ी राहत मिल सके। यह उल्लेखनीय है कि पहला ‘उड़ान यात्री कैफे’ दिसंबर 2024 में कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर खुला और तब से यात्रियों के बीच जबरदस्त लोकप्रिय हो गया है। सरकार की योजना 2026 तक देश भर के अधिकांश प्रमुख एएआई संचालित हवाईअड्डों पर इन कैफे का विस्तार करने की है, जिससे पैसेंजर एमिनिटीज में और सुधार होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यात्रियों की पुरानी शिकायत का समाधान
हवाई अड्डों पर खाने-पीने की चीजों की ऊंची कीमतें यात्रियों की वर्षों से एक आम शिकायत रही हैं। इन कैफे की शुरुआत को इस चिर-परिचित चिंता को दूर करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है, खासकर बजट यात्रियों और पहली बार हवाई यात्रा करने वालों के लिए। चाय, नाश्ता और भोजन जैसी आवश्यक वस्तुएं कम कीमतों पर उपलब्ध कराकर, इस पहल का उद्देश्य किफायती और सुविधाजनक होने के बीच एक आदर्श संतुलन स्थापित करना है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यह तो आप जान ही गए हैं कि ‘उड़ान कैफे’ पर 10 रुपये की चाय मिलती है। अब जानते हैं कि यहां और कौन-कौन से सामान कितने रुपये में उपलब्ध हैं:
- चाय: 10 रुपये
- पानी की बोतल: 10 रुपये
- कॉफी: 20 रुपये
- स्वीट ऑफ द डे: 20 रुपये
- समोसा: 20 रुपये
ये दरें एयरपोर्ट पर मौजूद अन्य कैफे की तुलना में काफी कम हैं, जो यात्रियों को एक बड़ी राहत प्रदान करती हैं। यह पहल हवाई यात्रा को अधिक सुलभ और सुखद बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें


