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किसानों को मिलेगी राहत: Wheat Procurement के नए नियम, पैक्स बनेंगे सहारा, जानिए

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Wheat Procurement: अन्नदाताओं के माथे से चिंता की लकीरें मिटाने और उनकी मेहनत को सही दाम दिलाने की सरकारी पहल अब जमीनी हकीकत में बदल रही है। रबी विपणन मौसम 2026-27 के तहत गेहूं खरीद की शुरुआत किसानों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है।

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बिहार में सरकारी स्तर पर गेहूं की खरीदारी बुधवार से प्रारंभ हो गई है। यह खरीद प्रक्रिया 15 जून 2026 तक संचालित होगी। जहानाबाद जिले के किनारी पैक्स में सहकारिता मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने “रबी विपणन मौसम 2026-27” के अंतर्गत राज्य में गेहूं अधिप्राप्ति का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसानों को उनकी उपज का सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस Wheat Procurement प्रक्रिया को सुगम बनाने में जुटी है।

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मंत्री ने बताया कि पैक्सों एवं व्यापार मंडलों के माध्यम से गेहूं अधिप्राप्ति का कार्य शुरू किया गया है, ताकि किसानों को गेहूं बिक्री के 48 घंटे के भीतर सीधे उनके बैंक खाते में राशि का भुगतान हो सके। इस कदम से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह व्यवस्था न केवल पारदर्शिता लाएगी बल्कि किसानों को उनकी मेहनत का पूरा फल भी दिलाएगी।

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Wheat Procurement: सरकारी खरीद की नई व्यवस्था, बिचौलियों पर लगाम

रबी विपणन मौसम 2026-27 के अंतर्गत गेहूं अधिप्राप्ति का कार्य 1 अप्रैल 2026 से 15 जून 2026 तक पैक्स, व्यापार मंडलों एवं केंद्रीय एजेंसी भारतीय खाद्य निगम (FCI) द्वारा संचालित किया जाएगा। भारत सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये प्रति क्विंटल अधिक है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह वृद्धि किसानों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन का काम करेगी।

इस वर्ष राज्य में गेहूं अधिप्राप्ति का कुल निर्धारित लक्ष्य 0.18 लाख मीट्रिक टन है। पंचायत स्तर पर पैक्स और प्रखंड स्तर पर व्यापार मंडलों को अधिप्राप्ति अधिकरण के रूप में अधिकृत किया गया है। इसके अतिरिक्त, भारतीय खाद्य निगम को भी राज्य के चिन्हित प्रखंडों में गेहूं अधिप्राप्ति के लिए अधिकृत किया गया है। गेहूं बिक्री के बाद किसानों को 48 घंटों के भीतर PFMS (सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली) के माध्यम से उनके नामित बैंक खाते में राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। किसान अपनी सुविधा के अनुसार अपने पंचायत के पैक्स अथवा व्यापार मंडल में गेहूं की बिक्री कर सकते हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/

धान खरीद में बिहार की ऐतिहासिक सफलता: एक मिसाल

गेहूं अधिप्राप्ति से पहले, “खरीफ विपणन मौसम 2025-26” के अंतर्गत राज्य में धान अधिप्राप्ति का कार्य उल्लेखनीय सफलता के साथ संपन्न हुआ है। भारत सरकार द्वारा निर्धारित कुल लक्ष्य 36.85 लाख मीट्रिक टन के विरुद्ध, राज्य ने 36.79 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की, जो लक्ष्य का 99.84 प्रतिशत है। यह आंकड़ा बिहार सरकार की खरीद नीतियों और कार्यान्वयन की दक्षता को दर्शाता है।

इस वर्ष विशेष रूप से छोटे एवं मंझोले किसानों की भागीदारी अधिक रही। औसतन प्रत्येक किसान से 67.61 क्विंटल धान की अधिप्राप्ति की गई। राज्य में कुल 5,40,474 किसानों ने पैक्स एवं व्यापार मंडलों के माध्यम से अपने धान की बिक्री की। इनमें से 5,07,476 किसानों (94%) को उनके धान का भुगतान किया जा चुका है, जबकि शेष किसानों को उनके नामित खाते में भुगतान की प्रक्रिया तीव्र गति से जारी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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