
Iran-Israel War: रेत के टीलों पर सुलगती आग ने एक बार फिर बिहार के एक घर का चिराग बुझा दिया। युद्ध की विभीषिका ने एक ऐसे इंजीनियर की जान ले ली, जिसका शव 20 दिन बाद अपने वतन लौटा है।
ईरान-इज़राइल युद्ध के बीच 20 दिन बाद बिहार लौटा इंजीनियर का पार्थिव शरीर, भागलपुर में होगा अंतिम संस्कार
Iran-Israel War: कैसे गई देवनंदन की जान?
मध्य पूर्व के ज्वलंत संघर्ष क्षेत्र में अपनी जान गंवाने वाले बिहार के इंजीनियर देवनंदन प्रसाद सिंह का पार्थिव शरीर आखिरकार 20 दिनों के लंबे इंतजार के बाद पटना पहुंचा है। यह पल उनके परिजनों के लिए जहां एक ओर राहत लेकर आया, वहीं गहरे शोक की भी याद दिला गया। देवनंदन के पार्थिव शरीर को पटना हवाई अड्डे से सीधे उनके पैतृक गांव भागलपुर जिले के सन्हौला प्रखंड स्थित रानी बमिया ले जाया जा रहा है, जहां उनका अंतिम संस्कार पूरे विधि-विधान से किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
देवनंदन प्रसाद सिंह एक कुशल इंजीनियर थे और काम के सिलसिले में ही मध्य-पूर्व गए हुए थे। बताया जाता है कि जिस समुद्री जहाज पर वे कार्यरत थे, वह इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के दौरान हुए एक मिसाइल हमले का शिकार हो गया था। इसी मिसाइल हमले में देवनंदन प्रसाद सिंह की दुखद मृत्यु हो गई थी। यह घटना मध्य-पूर्व में हुए एक अप्रत्याशित मिसाइल हमले का नतीजा थी जिसने कई जिंदगियों को प्रभावित किया। परिजनों ने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से लगातार संपर्क बनाए रखा था ताकि देवनंदन का शव जल्द से जल्द देश लाया जा सके।
लंबी कागजी कार्यवाही और राजनयिक प्रयासों के बाद आखिरकार उनका पार्थिव शरीर भारत पहुंच सका। इस पूरे घटनाक्रम ने मध्य-पूर्व में काम करने वाले हजारों भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
पैतृक गांव में होगा अंतिम संस्कार
पटना पहुंचने के बाद देवनंदन प्रसाद सिंह का शव उनके परिजनों को सौंप दिया गया। अब उन्हें सड़क मार्ग से लगभग 300 किलोमीटर दूर स्थित उनके पैतृक गांव भागलपुर जिले के रानी बमिया ले जाया जाएगा। परिवार और गांव वाले इस दुखद घड़ी में एक साथ खड़े हैं। देवनंदन की मौत से उनके परिवार में मातम पसरा हुआ है, वहीं पूरे गांव में भी शोक की लहर है। परिजनों ने बताया कि वह अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था और उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह उम्मीद की जा रही है कि प्रशासन पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता प्रदान करेगा।






