
Darbhanga Airport News: मिथिला की धरा पर अब आसमान छूने का सपना। दरभंगिया उड़ान भरने को तैयार, नए पंखों के साथ। दिल्ली के नागर विमानन मंत्रालय में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जहां मिथिला क्षेत्र के विकास के लिए दर्जनों अहम सुझाव रखे गए।
Darbhanga Airport News: हवाई कनेक्टिविटी और रोजगार के नए आयाम
नागर विमानन मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति की बैठक 01 अप्रैल 2026, बुधवार को दिल्ली में संपन्न हुई। भारत सरकार के नागर विमानन मंत्री श्री राम मोहन नायडू की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में समिति के सदस्य सांसद डा. गोपाल जी ठाकुर ने विमान एवं विमान घटकों के विनिर्माण एवं अनुरक्षण से संबंधित एजेंडे पर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उनका मुख्य उद्देश्य दरभंगा और समग्र मिथिला क्षेत्र का सर्वांगीण विकास था।
सांसद डा. ठाकुर ने अपनी बात रखते हुए दरभंगा हवाई अड्डे को पूर्वी भारत के एक प्रमुख विमान अनुरक्षण केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल एयरलाइंस की लागत में कमी लाएगी, बल्कि त्वरित सेवा सुनिश्चित करेगी और क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को भी गति प्रदान करेगी। यह एक ऐसा कदम होगा, जो बिहार के आर्थिक मानचित्र पर दरभंगा की स्थिति को मजबूत करेगा।
डा. ठाकुर ने मिथिला क्षेत्र में विमान एवं विमान घटक निर्माण इकाइयों की स्थापना के लिए एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) तथा निजी निवेश को प्रोत्साहित करने की वकालत की। उनका मानना है कि एविएशन कंपोनेंट्स निर्माण हेतु एक औद्योगिक क्लस्टर विकसित किया जाना चाहिए, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को और मजबूती मिलेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह क्लस्टर स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए वरदान साबित होगा।
मिथिला क्षेत्र की नदियों और जलाशयों की विशालता को देखते हुए सांसद डा. ठाकुर ने सी-प्लेन संचालन की पहल पर भी चर्चा की। उन्होंने सुझाव दिया कि इस सेवा के लिए एक विस्तृत अध्ययन और पायलट प्रोजेक्ट तत्काल शुरू किया जाए। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि दूरस्थ इलाकों तक हवाई कनेक्टिविटी भी सुगम होगी।
स्थानीय युवाओं को रोजगारपरक बनाने के उद्देश्य से डा. ठाकुर ने दरभंगा में एक एविएशन स्किल डेवलपमेंट सेंटर (विमानन कौशल विकास केंद्र) की स्थापना पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण केंद्र युवाओं को एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस, ग्राउंड हैंडलिंग और अन्य तकनीकी कार्यों में दक्ष बनाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को साकार करने के लिए पीपीपी मॉडल (सार्वजनिक-निजी भागीदारी) को बढ़ावा देकर निजी निवेश को आकर्षित करने हेतु नीतिगत प्रोत्साहन प्रदान करना आवश्यक है। यह केंद्र ‘विमानन कौशल विकास’ के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा।
दरभंगा हवाई अड्डे का आधुनिकरण और अंतरराष्ट्रीय विस्तार
बैठक में सांसद डा. ठाकुर ने दरभंगा हवाई अड्डे के आधुनिकीकरण और विस्तार पर भी विस्तृत सुझाव दिए। इनमें रनवे का विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण, नाइट लैंडिंग सुविधा का शीघ्र प्रारंभ, एक आधुनिक टर्मिनल भवन का निर्माण, और यात्री सुविधाओं का विस्तार शामिल है। इन कदमों से दरभंगा हवाई अड्डा अपनी क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करेगा।
उड़ान सेवाओं के विस्तार के तहत डा. ठाकुर ने प्रमुख महानगरों जैसे हैदराबाद, चेन्नई और पुणे के लिए नई सीधी उड़ानों की संख्या बढ़ाने का आग्रह किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने नेपाल और खाड़ी देशों के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संभावनाओं पर भी विचार करने को कहा। यह पहल मिथिला के लोगों के लिए वैश्विक स्तर पर आवागमन को आसान बनाएगी।
एक एयर कार्गो टर्मिनल की स्थापना का सुझाव भी दिया गया, जिसके माध्यम से मखाना, मछली और अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात हेतु आधुनिक कार्गो सुविधा विकसित की जा सके। यह स्थानीय किसानों और व्यापारियों के लिए एक बड़ा अवसर होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके साथ ही, सांसद ने बिहार विधानसभा और विधान परिषद से भेजे गए प्रस्ताव के आलोक में दरभंगा एयरपोर्ट का नाम कवि कोकिल बाबा विद्यापति के नाम पर यथाशीघ्र घोषित करने की मांग भी दोहराई।
डा. ठाकुर ने परामर्शदात्री समिति की बैठक में दरभंगा एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग सुविधा का शीघ्र संचालन, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में इसका विकास, विमान प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना और मैथिली भाषा में उद्घोषणा सहित विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव दिए। उन्होंने आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार दरभंगा एवं मिथिला क्षेत्र को देश के विमानन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए संकल्पित है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।


