
बिहार में दुष्कर्म: क्या हो गया है बिहार को? एक के बाद एक ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं जो मानवता को शर्मसार कर रही हैं। हाल ही में पूर्णिया और किशनगंज जिलों से दो दिल दहला देने वाली खबरें आई हैं, जहां नाबालिग बच्चियों को दरिंदगी का शिकार बनाया गया है। इन मामलों ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है।
बिहार में दुष्कर्म: पूर्णिया में गैंगरेप और वीडियो बनाने की धमकी
पूर्णिया जिले के सिकटी थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। यह घटना बीते 25 मार्च की बताई जा रही है, लेकिन शुक्रवार को पीड़िता की मां ने सिकटी थाने में चार आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत FIR दर्ज कराई। मां के आरोप के मुताबिक, गांव में संतमत सत्संग का आयोजन था, जिसमें उनका परिवार भी शामिल था। जब उनकी नाबालिग बेटी शौच के लिए बाहर निकली, तो चार युवकों ने उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और उसे मक्के के खेत में खींच ले गए। वहां चारों ने बारी-बारी से दुष्कर्म किया। दुष्कर्मियों ने इस दौरान लड़की का अश्लील वीडियो भी बना लिया और धमकी दी कि यदि उसने किसी को बताया, तो वीडियो वायरल कर दिया जाएगा। घटना के बाद लड़की ने अपनी आपबीती मां को बताई। सिकटी पुलिस ने शनिवार को नाबालिग लड़की को बयान दर्ज कराने और मेडिकल जांच के लिए अररिया भेजा।
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किशनगंज में SSB जवान की दरिंदगी
वहीं, किशनगंज जिले के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र में तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 19वीं बटालियन के एक हेड कांस्टेबल पर अपने ही साथी जवान की नाबालिग बेटी से नाबालिग से दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगा है। यह वारदात शनिवार शाम की बताई गई है। आरोपी हेड कांस्टेबल उसी 19वीं वाहिनी में तैनात है, जहां पीड़िता के पिता भी कार्यरत हैं। आरोप है कि मौका पाकर हेड कांस्टेबल ने नाबालिग के साथ दरिंदगी की। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके और बटालियन परिसर में हड़कंप मच गया। पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी हेड कांस्टेबल को दबोच लिया। एसडीपीओ मंगलेश कुमार सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस इस मामले में पुख्ता चार्जशीट तैयार करने में जुटी है। यह घटना एक बार फिर सुरक्षाकर्मियों द्वारा की गई नाबालिग से दुष्कर्म की घटनाओं पर सवाल उठाती है।
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इन घटनाओं ने बिहार में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए त्वरित और कठोर कार्रवाई की उम्मीद है। इन घटनाओं ने बिहार में दुष्कर्म के बढ़ते मामलों को उजागर किया है और समाज को सोचने पर मजबूर किया है कि आखिर बेटियां कब सुरक्षित महसूस करेंगी?
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