
Patna Street Lights: बिहार की राजधानी पटना की अंधेरी सड़कों और कॉलोनियों में अब जल्द ही रोशनी फैलने वाली है। पटना नगर निगम ने शहर को अंधेरे से मुक्त करने के लिए एक महत्वाकांक्षी मास्टर प्लान तैयार किया है। इसके तहत हजारों नई स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी जो आधुनिक तकनीक से लैस होंगी।
खराब या गायब स्ट्रीट लाइटों के कारण पटना की कई मुख्य सड़कें और रिहायशी इलाके अक्सर अंधेरे में डूबे रहते हैं। रखरखाव और संचालन एजेंसी के बकाया के चलते मरम्मत का काम धीमा चल रहा था। इस समस्या से निपटने के लिए, पटना नगर निगम ने एक वृहद योजना बनाई है जिसके तहत शहर की Patna Street Lights व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा और 25,000 नई स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। इस परियोजना पर करीब 30 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें इंस्टॉलेशन से लेकर संचालन तक का खर्च शामिल है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इस परियोजना से शहर की रातों में काफी सुधार आने की उम्मीद है।
Patna Street Lights के लिए 35 नई हाईमास्ट लाइटें
इस मेगा प्लान के तहत शहर के प्रमुख चौराहों पर 35 नई हाईमास्ट लाइटें भी लगाई जाएंगी। हर हाईमास्ट लाइट की लंबाई 12.5 मीटर होगी और इसमें 1200 वाट की क्षमता वाली 6 फ्लड लाइटें लगेंगी। इन्हें लगाने में करीब 1.63 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह खर्च हुडको द्वारा सीएसआर मद से किया जाएगा। वर्तमान में शहर में 166 हाईमास्ट लाइटें काम कर रही हैं।
किस अंचल में कितनी हाईमास्ट लाइटें?
नई हाईमास्ट लाइटों का वितरण अंचलों के हिसाब से किया जाएगा। सबसे ज्यादा 12 लोकेशनों पर नूतन राजधानी अंचल में हाईमास्ट लाइटें लगाई जाएंगी।
- कंकड़बाग और बांकीपुर में पाँच-पाँच
- पाटलिपुत्र में सात
- अजीमाबाद में दो
- पटना सिटी में एक लाइट लगेगी।
जरूरत पड़ने पर अन्य लोकेशनों पर भी ये लाइटें लगाई जाएंगी, जिसके लिए निगम ने 2 करोड़ रुपये का बजट पास कराया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह पहल निश्चित रूप से पटना को एक सुरक्षित और उज्जवल शहर बनाने में मदद करेगी।
नई स्मार्ट लाइटिंग सिस्टम की खासियतें
खास बात यह है कि नया इंस्टॉलेशन पूरी तरह आईओटी (IoT) और सेंसर आधारित होगा। इससे रोशनी कम होते ही लाइटें खुद जल जाएंगी और सुबह होते ही बुझ जाएंगी। यह स्मार्ट लाइटिंग सिस्टम न केवल ऊर्जा की बचत करेगा बल्कि शहर के प्रबंधन को भी सुगम बनाएगा। इसके संचालन के लिए एक सेंट्रलाइज्ड कमांड सेंटर भी बनेगा, जिससे बिजली की बचत के साथ-साथ रियल-टाइम मॉनीटरिंग भी संभव होगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







