
Bihar Investment: बिहार अब केवल अपनी ऐतिहासिक विरासत तक ही सीमित नहीं रहने वाला! राज्य सरकार ने अब सीधे विकास के मैदान में उतरने का फैसला किया है, और लक्ष्य बेहद महत्वाकांक्षी है – अगले पांच सालों में 50 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड निवेश। उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने के वादे को पूरा करने का बीड़ा उठाया है, जिसकी जिम्मेदारी अब उद्योग विभाग के कंधों पर है।
बिहार निवेश लक्ष्य और औद्योगिक विकास की रणनीति
उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने स्पष्ट किया कि बिहार के टैलेंट का उपयोग अब बिहार की तरक्की के लिए ही होगा। राज्य पूर्वी भारत का सबसे बड़ा औद्योगिक केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने बताया कि राज्य की अपनी ‘सेमीकंडक्टर नीति 2026’ को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है, जो बिहार को आधुनिक उद्योगों का हब बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह सेमीकंडक्टर नीति राज्य को औद्योगिक मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगी। निवेश का सिलसिला भी शुरू हो चुका है, जिसके प्रमाण के तौर पर बक्सर में अत्याधुनिक कोका-कोला फैक्ट्री और जेके सुपर सीमेंट का उद्घाटन किया गया है। रिलायंस, अल्ट्राटेक और मदर डेयरी जैसी बड़ी कंपनियों ने भी बिहार में अपने प्लांट लगाने के लिए जमीन आवंटित करा ली है। सरकार का मुख्य ध्येय ‘समृद्ध उद्योग, सशक्त बिहार’ के मंत्र के साथ वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करना है, जिससे एक रिकॉर्ड Bihar Investment का रास्ता साफ करेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
बुनियादी ढांचा और महिला सशक्तिकरण की नई पहल
औद्योगिक विकास के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने हेतु राज्य सरकार ने 24 जिलों में 13,343 एकड़ से अधिक भूमि के अधिग्रहण को प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। इसके अतिरिक्त, गया में 1670 एकड़ भूमि पर विशेष औद्योगिक कॉरिडोर का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। राजधानी पटना के लिए भी बड़ी योजनाएं हैं, जहां तीन नए 5-स्टार होटलों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। साथ ही, आईटी और फिनटेक कंपनियों के लिए सिंटेक्स सिटी विकसित की जाएगी, जो बेंगलुरु और पुणे की तर्ज पर स्थानीय युवाओं को साइबर और एआई तकनीक में रोजगार प्रदान करेगी।
निवेशकों का भरोसा और सामाजिक बदलाव
सरकार ने निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए ‘जन विश्वास अधिनियम’ भी पेश किया है, जिसके तहत छोटे-मोटे विवादों पर व्यापारियों पर आपराधिक मुकदमा नहीं चलेगा, बल्कि केवल आर्थिक दंड का प्रावधान होगा। महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक बड़ा कदम उठाते हुए अब कारखानों में महिलाओं को सुबह 5 बजे से रात 10 बजे तक काम करने की अनुमति दी गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इसके अलावा, सूक्ष्म और लघु उद्योगों के उत्पादों को वैश्विक बाजार दिलाने के लिए ‘बिहार राज्य विपणन प्राधिकार’ का गठन किया गया है, ताकि ग्रामीण उद्यमियों का सामान दुनिया भर में पहुँच सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







