
मोदी सरकार: बांका में भाकपा (माले) के पहले जिला सम्मेलन में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला गया। नेताओं ने मोदी सरकार को देश की सुरक्षा, सम्मान और जनता के लिए खतरा बताते हुए ‘बुलडोजर राज’ के खिलाफ जुझारू आंदोलन छेड़ने का आह्वान किया। इस दौरान रामचन्द्र दास को बांका जिला सचिव चुना गया।
रविवार को आयोजित इस सम्मेलन की शुरुआत वाम–जनवादी आंदोलन के शहीदों–दिवंगतों को हंसुआ-हथौड़ा निशान वाला लाल झंडा फहराते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करने और दो मिनट का मौन रखकर हुई। सम्मेलन का उदघाटन भाकपा (माले) के राज्य कमिटी सदस्य कॉमरेड एसके शर्मा ने किया। मुख्य वक्ता केंद्रीय कमिटी सदस्य व ‘लोकयुद्ध’ के संपादक कॉमरेड संतोष सहर रहे, जबकि पर्यवेक्षक राज्य कमिटी सदस्य कॉमरेड मुख्तार और मुख्य अतिथि ऐक्टू के राज्य सचिव मुकेश मुक्त उपस्थित थे।
लोकतंत्र और संविधान पर मोदी सरकार का हमला
सम्मेलन का उदघाटन करते हुए कॉमरेड एसके शर्मा ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा–एनडीए के शासन में लोकतंत्र और संविधान पर लगातार तीखे हमले हो रहे हैं। गरीब–मजदूर, दलित–पिछड़े और महिलाएं विशेष निशाने पर हैं, और आम नागरिकों के सारे अधिकार छीने जा रहे हैं। उन्होंने भीषण महंगाई, बेरोजगारी, सरकारी खजाने की भारी लूट, भ्रष्टाचार, हत्या–बलात्कार, साम्प्रदायिक हिंसा-घृणा और राजकीय दमन को इस शासन की चारित्रिक विशेषता बताया।
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अडानी-अंबानी के इशारों पर चल रही केंद्र सरकार
मुख्य वक्ता संतोष सहर ने अपने संबोधन में कहा कि अडानी–अम्बानी के इशारों पर काम करने वाली केंद्र की फासीवादी मोदी सरकार ने आम–आवाम के जीवन को गहरे संकट में डाल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार देश की सुरक्षा, सम्मान और जनता के लिए खतरा है और इसने साम्राज्यवादी हितों के सामने घुटने टेक दिए हैं। शिक्षा–स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं की तो बात ही छोड़िए, आम नागरिकों के सामान्य नागरिक होने के अधिकार तक को खतरे में डाल दिया गया है। सरकारें इनके सम्मान को चोट पहुंचा कर इन्हें सिर्फ लाभार्थी के स्तर तक गिरा देने और वोट के लिए भीड़ बना देने पर उतारु हैं। यह सरकार पूरी तरह से गरीब–मजदूर विरोधी है।
संतोष सहर ने आगे कहा कि जल, जंगल और जमीन को हड़पा जा रहा है। लैंड बैंक बनाकर जमीन कब्जाने के इस पूरे खेल में पूरी सरकार, पूरा तंत्र, न्याय व्यवस्था से लेकर शासन–प्रशासन में ऊंचे पदों पर काबिज सामंती ताकतें, भू–माफिया और नए–पुराने जमीदार सभी शामिल हैं। गरीब–मजदूर, दलित–पिछड़े बर्बर हमले का सामना कर रहे हैं, जिससे लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक न्याय लहूलुहान होता दिख रहा है। उन्होंने जीवन, आजीविका, वास–आवास और सम्मान की रक्षा के लिए एकजुट प्रतिरोध संघर्ष को ही एकमात्र उपाय बताया। भाकपा (माले) हर स्तर पर लड़ाई लड़ रही है, और इसे और अधिक मजबूत करने की जरुरत है।
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नई जिला कमिटी का चुनाव और आगामी रणनीति
सम्मेलन की अध्यक्षता रणवीर कुशवाहा, रीता देवी, रेणु कुमारी, मकबूल अंसारी और बिशेश्वर दास वाली पांच सदस्यीय अध्यक्षमंडल ने की, जबकि संचालन सर्वजीत कुमार रॉकी व शशिशेखर कुमार ने किया। प्रतिनिधि सत्र में जिला लीडिंग के संयोजक रामचन्द्र दास ने काम–काज की मुद्रित रिपोर्ट पेश की, जिस पर महादेव दास, गुड़िया देवी, हीरा दास, राजेंद्र यादव, अनुज दास, सोहम दास, संगीता देवी, शूकर दास और सोहिल दास सहित कई प्रतिनिधियों ने बहस में हिस्सा लिया और महत्वपूर्ण सलाह–सुझाव दिए। संयोजक द्वारा इन सुझावों को स्वीकार किए जाने के बाद रिपोर्ट को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
सम्मेलन के पर्यवेक्षक राज्य कमिटी सदस्य कॉमरेड मुख्तार ने अगले सत्र के लिए विधिवत नए जिला कमिटी का चुनाव सम्पन्न कराया। सम्मेलन में शामिल प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से 11 सदस्यीय जिला कमिटी का चुनाव किया, जिसमें कॉमरेड रामचन्द्र दास, रणवीर कुशवाहा, रीता देवी, रेणु कुमारी, विशेश्वर दास, विशेश्वर पंडित, वीरबल राय, गुड़िया देवी, महादेव दास, मेहीलाल लैया और कॉमरेड संगीता देवी शामिल हैं। नव निर्वाचित जिला कमिटी की संक्षिप्त बैठक में कॉमरेड रामचन्द्र दास को सर्वसम्मति से बांका जिला का सचिव चुना गया। सम्मेलन का समापन 16, 17 व 18 मई को दरभंगा में भाकपा (माले) के राज्य सम्मेलन को सफल बनाने के संकल्प के साथ हुआ।







