
बिहार सीएम बदलाव: नए किरदार आते जा रहे हैं
मगर नाटक पुराना चल रहा है। बिहार की राजनीति में इन दिनों भूचाल आया हुआ है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल्ली पहुंचने के बाद अब उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के भी राजधानी में होने की खबर ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। इन दोनों नेताओं के दिल्ली दौरे को एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे राज्य की सत्ता संरचना में संभावित फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं।
राज्यसभा में शपथ ग्रहण और नई सरकार का रोडमैप
पिछले कई दिनों से राजनीतिक गलियारों में खरमास के बाद बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही थीं। संजय झा ने बताया कि 10 अप्रैल को लगभग 12:15 बजे सीएम नीतीश शपथ ग्रहण करेंगे और फिर पटना लौट आएंगे। इसके बाद ही प्रदेश में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया विधिवत शुरू हो पाएगी।
मंत्रियों के बयान और सियासी मायने
दिल्ली रवाना होने से पहले, मंत्री विजय चौधरी ने बिहार में नई सरकार के गठन के सवाल पर कहा कि ‘अभी तो नीतीश कुमार ही हैं। उन्होंने अभी इस्तीफा कहां दिया है? इस्तीफे के बाद ही कुछ होगा।’ एयरपोर्ट पर कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने भी मीडिया से बातचीत की। सम्राट चौधरी के दिल्ली दौरे पर रामकृपाल यादव ने कहा कि ‘वह तो अक्सर दिल्ली जाते रहते हैं। यह कोई नई बात नहीं है।’ आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इन बयानों से बिहार पॉलिटिक्स में चल रही कयासबाजियों को और हवा मिली है।
फिलहाल, सभी की निगाहें 13 अप्रैल के बाद होने वाले घटनाक्रमों पर टिकी हैं, जब बिहार में राजनीतिक समीकरण स्पष्ट होंगे और बिहार पॉलिटिक्स एक नया मोड़ लेगी।
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राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के साथ इन नेताओं की अहम बैठकें हो सकती हैं। इसी कड़ी में बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं ने जोर पकड़ लिया है। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, राज्य में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। नई जिम्मेदारी किसे मिलेगी, इस पर गहन मंथन चल रहा है। बिहार सीएम बदलाव की इस गहमागहमी में सबकी निगाहें दिल्ली पर हैं।
दिल्ली में निर्णायक बैठकों की संभावना, बिहार सीएम बदलाव पर चर्चा तेज
नीतीश कुमार का दिल्ली दौरा भले ही राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के लिए पहले से तय था, लेकिन इसके साथ ही राजनीतिक विश्लेषक इसे राज्य की सत्ता संरचना में बदलाव के संकेत के रूप में देख रहे हैं। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का दिल्ली पहुंचना इस पूरे घटनाक्रम को और भी महत्वपूर्ण बना देता है। दोनों नेताओं की एक साथ मौजूदगी को संभावित बड़े फैसले से पहले की अंतिम कड़ी माना जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
बिहार में पिछले कुछ दिनों से मुख्यमंत्री पद को लेकर कई नाम सामने आ रहे हैं। एनडीए के भीतर लगातार बैठकें और बातचीत जारी है। ऐसे में दिल्ली में होने वाली संभावित मुलाकातों को बेहद अहम माना जा रहा है। सम्राट चौधरी का नाम इस समय मुख्यमंत्री पद के लिए प्रमुख दावेदारों में शामिल बताया जा रहा है। उनकी हालिया सक्रियता और संगठन में उनकी भूमिका को भी इस संदर्भ में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राज्य में उत्सुकता का माहौल: दिल्ली पर टिकी निगाहें
इन राजनीतिक गतिविधियों के बीच राज्य में उत्सुकता का माहौल बना हुआ है। आम लोगों से लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं तक, सभी की निगाहें दिल्ली की बैठकों पर टिकी हैं। यह माना जा रहा है कि इन उच्च-स्तरीय बैठकों के बाद बिहार की राजनीतिक तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट हो सकती है।
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