spot_img

Bihar Crime News: ईडी निदेशक बनकर ठगी करने वाला जालसाज गिरफ्तार, DM तनय सुल्तानिया को किया था कॉल! पढ़िए अभिषेक अग्रवाल की पुरानी कहानी!

spot_img
- Advertisement -

ईडी निदेशक बनकर ठगी: बिहार की राजधानी पटना से जालसाजी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां पुलिस ने एक ऐसे शातिर शख्स को गिरफ्तार किया है, जिसने खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ED) का निदेशक बताकर बड़े अधिकारियों पर दबाव बनाया। आरोपी की पहचान अभिषेक भोपालका उर्फ अभिषेक अग्रवाल के रूप में हुई है, जिसने भोजपुर के जिलाधिकारी (DM) को फोन कर खुद को दिल्ली का बड़ा अधिकारी बताया था।

- Advertisement -

आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

- Advertisement -

भोजपुर डीएम को बनाया निशाना

पुलिस के मुताबिक, आरोपी अभिषेक ने हाल ही में भोजपुर के जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया को व्हाट्सएप कॉल किया था। कॉल के दौरान उसने खुद को दिल्ली में तैनात ईडी का निदेशक बताया और किसी विशेष प्रशासनिक कार्य को कराने के लिए जिलाधिकारी पर दबाव बनाने लगा। भोजपुर डीएम को उसकी बातचीत के लहजे और काम करने के तरीके पर शक हुआ, जिसके बाद उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी सूचना पुलिस अधीक्षक को दी। भोजपुर पुलिस ने जब तकनीकी जांच शुरू की तो पता चला कि कॉल करने वाला कोई अधिकारी नहीं, बल्कि एक पेशेवर जालसाज है।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  CM Samrat Choudhary से भी अमीर है बिहार के यह 10 मंत्री, 32 @ करोड़पति तो तीन...लखपति, जानिए कौन कितना पैसे वाला?

जालसाज ऐसे आया पुलिस के शिकंजे में

भोजपुर पुलिस और पटना एसटीएफ की संयुक्त टीम ने तकनीकी अनुसंधान के आधार पर जाल बिछाया और आरोपी अभिषेक भोपालका उर्फ अभिषेक अग्रवाल को पटना के बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र स्थित परमानंद राय पथ से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के वक्त पुलिस भी उस समय दंग रह गई जब आरोपी के पास से 2.61 लाख रुपये नकद और घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन बरामद हुआ। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी के पिता पटना में टाइल्स और मार्बल का बड़ा व्यवसाय करते हैं, लेकिन बेटा ऊंचे रसूख का झांसा देकर अधिकारियों को ठगने का काम करता था।

आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

ईडी निदेशक बनकर ठगी का पुराना खिलाड़ी

अभिषेक अग्रवाल का यह पहला अपराध नहीं है। वह जालसाजी का पुराना खिलाड़ी रहा है। जांच में खुलासा हुआ कि साल 2022 में उसने खुद को पटना हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बताकर तत्कालीन डीजीपी एस.के. सिंघल को फोन किया था। उस समय उसने एक आईपीएस अधिकारी की पैरवी करने के लिए डीजीपी को कई बार कॉल किए थे। उस मामले में भी आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जेल से बाहर आते ही उसने फिर से ठगी का नया पैंतरा अपनाया और इस बार ईडी निदेशक बनकर अधिकारियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। भोजपुर जिला प्रशासन और नवादा थाने में इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। एसटीएफ अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या अभिषेक ने ईडी निदेशक बनकर किसी अन्य विभाग या अधिकारी से उगाही भी की है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Bhagalpur News: ए-बीते हुए कल…तुमने सूली पे लटकते जिसे देखा होगा! | Deshaj Times Special Ep. 07 | कब मिलेगी बाबा Tilka Majhi...

अंग्रेजों की नीति ही यही थी — आदिवासी को आदिवासी से लड़वाओ। जो सबसे...

यात्रीगण ध्यान दें…समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड पर NI कार्य…कई रेल सेवाएं प्रभावित, यात्रा से पहले जानें बड़ा अपडेट

अगर आप समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड से यात्रा करने की सोच रहे हैं तो यह खबर...

Rahul Gandhi Statement: अश्विनी चौबे का पलटवार, कहा- ‘चोर ही सबसे ज्यादा शोर मचाता है’

Rahul Gandhi Statement: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के एक हालिया बयान ने...

मस्जिद समाज सुधार: भागलपुर में इमामों का बड़ा फैसला, अब सिर्फ इबादत नहीं, ऐसे बनेगी सुधार का केंद्र

मस्जिद समाज सुधार: भागलपुर में अब मस्जिदें सिर्फ इबादतगाह नहीं होंगी, बल्कि समाज को...