
वॉलीबॉल खिलाड़ी गोलीकांड: बेगूसराय में नेशनल वॉलीबॉल प्लेयर गोविंद कुमार को 30 मार्च को दिनदहाड़े गोली मारने का मामला अब सुलझ गया है। गर्लफ्रेंड के विवाद में उसकी सुपारी लेकर हत्या की कोशिश की गई थी, जिसके लिए 4 लाख रुपये की डील हुई थी।
बेगूसराय में नेशनल वॉलीबॉल खिलाड़ी गोविंद कुमार को 30 मार्च को दिनदहाड़े गोली मारने का रहस्य अब खुल गया है। पटना के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है, जहां उनकी रीढ़ की हड्डी में अभी भी गोली फंसी हुई है। सदर-वन डीएसपी आनंद कुमार पांडेय ने बताया कि गर्लफ्रेंड को लेकर हुए विवाद के कारण गोविंद की हत्या के लिए 4 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। इस वारदात को दरभंगा ज्वेलरी लूट कांड और तेघड़ा बैंक लूट में शामिल कुख्यात मंगल सिंह ने अंजाम दिया था। हाल ही में ज्वेलरी शॉप लूट के बाद एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में पकड़े गए मंगल सिंह ने पूछताछ में इस पूरी साजिश का खुलासा किया। मंगल सिंह के इस खुलासे के बाद बेगूसराय पुलिस की डीआईयू और एसटीएफ की टीम ने कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल एक आरोपी मुरारी कुमार को असम से गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, सुपारी देने वाले और गोली चलाने में शामिल तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
वॉलीबॉल खिलाड़ी गोलीकांड: कैसे रची गई साजिश?
नगर थाना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सदर-वन डीएसपी आनंद कुमार पांडेय ने विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नेशनल वॉलीबॉल प्लेयर गोविंद कुमार और पचंबा गांव के निवासी भूपेंद्र कुमार के बीच गर्लफ्रेंड को लेकर पहले से झगड़ा और मारपीट हुई थी। इस दौरान दोनों ने एक-दूसरे को देख लेने की धमकी दी थी। इसी से आक्रोशित होकर भूपेंद्र कुमार ने बेगूसराय में किराए के मकान में रह रहे बलिया थाना क्षेत्र के गोखले नगर विष्णुपुर निवासी प्रिंस कुमार से संपर्क साधा और गोविंद की हत्या करवाने की बात कही। इसके बाद प्रिंस ने अपने चचेरे भाई मंगल सिंह से बात की और 5 लाख रुपये में इस हत्याकांड को अंजाम देने पर सहमति बनी। डील अंततः 4 लाख रुपये में तय हुई। मंगल सिंह ने इस कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के लिए अपने संगठित गिरोह से संपर्क साधा और दलसिंहसराय जेल में चार-पांच महीने पहले ही इस घटना को अंजाम देने की साजिश रची गई। प्रिंस कुमार को जिम्मेदारी दी गई थी कि वह वॉलीबॉल प्लेयर गोविंद का मूवमेंट ट्रैक करे। कई दिनों से लगातार गोविंद की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। इसके बाद 30 मार्च को घटना को अंजाम देने की पूरी तैयारी कर ली गई। सुबह 8 बजे से ही गोविंद का मूवमेंट ट्रैक करते हुए उसकी पल-पल की जानकारी प्रिंस कुमार मंगल सिंह को दे रहा था।
दिनदहाड़े गोली मारकर फरार हुए बदमाश
दोपहर में हर-हर महादेव चौक से गोविंद के आगे बढ़ते ही अपाचे बाइक पर सवार बदमाशों ने ममता होटल के सामने उसे गोली मार दी और फरार हो गए। बाइक मुरारी कुमार चला रहा था, जबकि मंगल सिंह बीच में बैठा था और शिवम कुमार पीछे बैठा हुआ था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और एसपी के निर्देश पर सदर-वन डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। टीम ने चार दिनों तक पूरे क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और डेटा जुटाया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
इसी बीच, दरभंगा में 2 करोड़ रुपये के ज्वेलरी लूट मामले में मुठभेड़ के बाद मंगल सिंह को मंसूरचक थाना क्षेत्र से पकड़ा गया। उससे पूछताछ में पुलिस को वॉलीबॉल खिलाड़ी गोलीकांड से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी मिली। घटना में इस्तेमाल की गई अपाचे बाइक दरभंगा में बरामद कर ली गई। मंगल सिंह से मिले इनपुट के आधार पर बेगूसराय पुलिस की डीआईयू और एसटीएफ की टीम असम पहुंची और इनियार गांव के रहने वाले मुरारी सिंह को गिरफ्तार किया। डीएसपी ने बताया कि यह गिरोह सुपारी लेकर हत्या, बैंक लूट और ज्वेलरी शॉप लूट जैसी वारदातों को अंजाम देता था। हाल ही में इसने दरभंगा में ज्वेलरी शॉप लूटी थी और उससे पहले तेघड़ा थाना क्षेत्र में एक्सिस बैंक में भी लूटपाट की थी। पुलिस अब सुपारी देने वाले भूपेंद्र कुमार, सुपारी दिलाने वाले प्रिंस कुमार और गोली चलाने वाले शिवम कुमार की गिरफ्तारी के लिए सघन कार्रवाई कर रही है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







