
Fake Teachers: बिहार के बांका जिले में शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर चल रहे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने जिले के चार थानों में एक साथ 10 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ FIR दर्ज की है, जिसके बाद हड़कंप मच गया है। इनमें से कुछ शिक्षकों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने फर्जी शिक्षकों के खिलाफ जांच अभियान तेज कर दिया है। निगरानी पुलिस निरीक्षक लाल मोहम्मद ने रविवार को बांका के चार थानों में 10 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। इस खबर से पूरे जिले में खलबली मच गई है।
बांका और अमरपुर में हुई बड़ी कार्रवाई
बांका सदर थाने में दो शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। वहीं, अमरपुर थाने में सबसे अधिक आधा दर्जन फर्जी शिक्षकों को पकड़ा गया है, जिन पर FIR दर्ज की गई है। FIR दर्ज करने के साथ ही निगरानी टीम ने इनमें से कुछ शिक्षकों को गिरफ्तार भी कर लिया है।
- बांका सदर थाना:
- एसएस बालिका स्कूल के उच्च माध्यमिक शिक्षक रामशरण चौधरी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। वे अलीगंज निवासी हैं और भूगोल शिक्षक के पद से पिछले मार्च में ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
- बांका प्रखंड के प्रोन्नत मध्य विद्यालय लीलावरण की शिक्षिका रीता देवी के खिलाफ भी FIR हुई है। जगाय गांव निवासी सीताराम यादव की पुत्री रीता देवी 2005 से पंचायत शिक्षिका के रूप में कार्यरत थी। जांच में उसका झारखंड से जारी इंटर का फर्जी प्रमाण पत्र पाया गया है।
- अमरपुर थाना:
- प्रोन्नत मध्य विद्यालय गोपालपुर के शिक्षक महेश कुमार भगत के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। महेश भगत 2006 में अमरपुर प्रखंड नियोजन इकाई से बहाल हुए थे। उनका महाराष्ट्र से जारी सीपीएड का प्रमाण पत्र फर्जी प्रमाण पत्र निकला है। महेश नाथनगर निवासी गया प्रसाद भगत के पुत्र हैं।
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- मध्य विद्यालय चपरी की शिक्षिका वंदना कुमारी के खिलाफ भी FIR हुई है। वंदना भी पिछले 20 साल से महाराष्ट्र के फर्जी सीपीएड प्रमाण पत्र पर नौकरी कर रही थी।
- प्रोन्नत मध्य विद्यालय कुल्हड़िया के शिक्षक अजय कुमार भगत के खिलाफ तीसरी FIR दर्ज हुई है। मधेपुरा सोनामुखी निवासी सत्यनारायण भगत के पुत्र अजय भगत भी 2006 से महाराष्ट्र के फर्जी सीपीएड प्रमाण पत्र पर नौकरी कर रहे थे।
- प्रोन्नत मध्य विद्यालय इंद्रसेना की प्रखंड शिक्षिका प्रेमलता कुमारी (धोरैया पैर निवासी महेंद्र प्रसाद सिंह की पुत्री) के खिलाफ भी मामला दर्ज हुआ है।
- मध्य विद्यालय भीखनपुर के शिक्षक राजीव मंडल (शंभुगंज प्रखंड के गिरधारा कमरडीह निवासी रामसेवक मंडल के पुत्र) के खिलाफ पांचवां केस दर्ज किया गया है।
- मध्य विद्यालय भदरिया के शिक्षक देवकीनंदन मिश्र (सलेमपुर निवासी रामनारायण मिश्र के पुत्र) के खिलाफ अमरपुर का अंतिम FIR दर्ज हुआ है। अमरपुर के इन सभी छह शिक्षकों का सीपीएड प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया है।
इसके अलावा, सूईया और बेलहर में भी एक-एक Fake Teachers पकड़े गए हैं। सूईया में FIR दर्ज करने के साथ ही शिक्षक को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।
जालसाजी के मुख्य प्रमाण पत्र
इस पूरे मामले में सामने आया है कि अधिकतर शिक्षकों ने महाराष्ट्र से जारी सीपीएड (C.P.Ed) और झारखंड से जारी इंटर के फर्जी प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल करके सरकारी नौकरी हासिल की है। यह दर्शाता है कि कैसे बाहरी राज्यों से बने फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करके सरकारी नौकरी प्राप्त करने का यह एक संगठित गिरोह हो सकता है।
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निगरानी की बड़ी कार्रवाई: 10 फर्जी शिक्षक बांका पर FIR
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने फर्जी शिक्षकों का जांच अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में निगरानी पुलिस निरीक्षक लाल मोहम्मद ने रविवार को बांका के चार थाना क्षेत्रों में 10 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। सदर थाना बांका में दो शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इनमें एसएस बालिका स्कूल के उच्च माध्यमिक शिक्षक रामशरण चौधरी शामिल हैं, जो पिछले मार्च में भूगोल शिक्षक के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वे अलीगंज निवासी हैं और बांका नगर परिषद में वर्षों से कार्यरत थे। दूसरी प्राथमिकी बांका प्रखंड के प्रोन्नत मध्य विद्यालय लीलावरण की शिक्षिका रीता देवी के खिलाफ दर्ज हुई है। जगाय गांव निवासी सीताराम यादव की पुत्री रीता देवी 2005 से ही शिक्षक के रूप में नौकरी कर रही थीं, लेकिन उनका इंटर का झारखंड से जारी प्रमाण पत्र फर्जी निकला है।
अमरपुर में सबसे ज्यादा फर्जी प्रमाण पत्र पर पकड़े गए शिक्षक
अमरपुर थाना क्षेत्र में सबसे अधिक छह फर्जी शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इनमें प्रोन्नत मध्य विद्यालय गोपालपुर के शिक्षक महेश कुमार भगत शामिल हैं, जो 2006 से नौकरी कर रहे थे। उनका महाराष्ट्र से जारी सीपीएड का प्रमाण पत्र फर्जी निकला है। इसी तरह, मध्य विद्यालय चपरी की शिक्षिका वंदना कुमारी भी 20 साल से महाराष्ट्र के फर्जी सीपीएड प्रमाण पत्र पर नौकरी कर रही थीं। प्रोन्नत मध्य विद्यालय कुल्हड़िया के शिक्षक अजय कुमार भगत, प्रोन्नत मध्य विद्यालय इंद्रसेना की प्रखंड शिक्षिका प्रेमलता कुमारी, मध्य विद्यालय भीखनपुर के शिक्षक राजीव मंडल और मध्य विद्यालय भदरिया के शिक्षक देवकीनंदन मिश्र के खिलाफ भी अमरपुर में ही केस दर्ज किया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इन सभी छह शिक्षकों का फर्जी सीपीएड प्रमाण पत्र पाया गया है, जो महाराष्ट्र से जारी किया गया था। यह दर्शाता है कि फर्जीवाड़े का यह खेल बड़े पैमाने पर चल रहा था।
बांका के अन्य क्षेत्रों में भी हुई गिरफ्तारी
अमरपुर के अलावा सूईया और बेलहर थाना क्षेत्र में भी एक-एक फर्जी शिक्षक पकड़ा गया है। सूईया में केस दर्ज करने के साथ ही शिक्षक को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। यह कार्रवाई बांका में फर्जी शिक्षकों के खिलाफ एक बड़ी मुहिम का हिस्सा है। निगरानी विभाग के इस कदम से शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जगी है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। ऐसे फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने के लिए विभाग सक्रिय है।
आगे क्या?
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की यह कार्रवाई अभी जारी रहने की उम्मीद है। इन शिक्षकों के नेटवर्क और अन्य संभावित Fake Teachers की पहचान के लिए आगे की जांच की जाएगी। इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर लगाम कसने में मदद मिल सकती है।
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