
शिक्षा नवाचार: भागलपुर में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई इबारत लिखी गई है। ‘शिक्षा नवाचार व सफलता का संगम 2.0’ कार्यक्रम में छात्रों ने अपनी अद्भुत प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन कर सभी को अचंभित कर दिया। यह आयोजन सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि भविष्य के निर्माताओं की एक झलक थी।भागलपुर, 15 अप्रैल 2026: बिहार के भागलपुर में शिक्षा के भविष्य को आकार देने वाले एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम ‘शिक्षा नवाचार व सफलता का संगम 2.0’ का सफल आयोजन किया गया। जिला शिक्षा विभाग, भागलपुर के सहयोग से इन्वॉल्व लर्निंग सॉल्यूशंस फाउंडेशन ने अध्यापक शिक्षा महाविद्यालय (CTE) के प्रशाल में इस अनूठे आयोजन को साकार किया। जिले के 17 प्रखंडों से आए लगभग 200 प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने इसमें उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो बाल-केंद्रित शिक्षा और नवाचार के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
शिक्षा नवाचार की नई पहल: छात्रों ने संभाली पूरी कमान
क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक अहसन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि संयुक्त निदेशक सह जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी नागेंद्र कुमार गुप्ता ने बच्चों के नवाचारों का बारीकी से अवलोकन कर उनका हौसला बढ़ाया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि मंच संचालन, स्टॉल प्रदर्शनी और विभिन्न गतिविधियों का जिम्मा पूरी तरह से विद्यार्थियों ने संभाला। यह छात्रों की असाधारण आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और प्रस्तुतीकरण कौशल का जीता-जागता प्रमाण था, जो सही मायने में शिक्षा नवाचार की दिशा में एक बड़ा कदम है।
प्रतिभा का प्रदर्शन और अनुभव साझा
कार्यक्रम में आयोजित एक पैनल चर्चा ने शिक्षाविदों और छात्रों के बीच सार्थक संवाद का मंच प्रदान किया। इसमें जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समग्र शिक्षा), प्रभारी प्राचार्य (CTE), DIET के व्याख्याता, गुणवत्ता शिक्षा समन्वयक जैसे अनुभवी शख्सियतों के साथ-साथ राजकीय मध्य विद्यालय, तेलघी की कक्षा 7 की छात्रा गौरी कुमारी ने भी सक्रिय रूप से हिस्सा लिया और अपने अनुभव साझा किए। गौरी की बेबाक प्रस्तुति ने सभी प्रतिभागियों को विशेष रूप से प्रेरित किया।इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का भी शानदार प्रदर्शन किया:
- छात्रों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों की प्रदर्शनी ने सभी का ध्यान खींचा।
- गायन, वादन, भाषण और नृत्य जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।
कई विद्यार्थियों ने बताया कि पीयर लर्निंग (साथी शिक्षण), प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण (PBL) और अन्य अभिनव तरीकों से न केवल वे स्वयं बेहतर सीख रहे हैं, बल्कि अपने साथियों को सीखने में भी सक्रिय रूप से मदद कर रहे हैं। शिक्षा विभाग के सहयोग से इन्वॉल्व लर्निंग सॉल्यूशंस फाउंडेशन द्वारा प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में चलाए जा रहे पीयर लर्निंग कार्यक्रम के माध्यम से निपुण लक्ष्यों की प्राप्ति के साथ-साथ विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता और 21वीं सदी के आवश्यक कौशलों का विकास हो रहा है, जो उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने में सहायक है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
भविष्य के लिए एक प्रेरणा
कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर किया गया। इस तरह के शिक्षा नवाचार आधारित आयोजन न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लक्ष्य को सशक्त करते हैं, बल्कि विद्यार्थियों को अपनी छिपी प्रतिभा को प्रदर्शित करने और भविष्य के लिए तैयार होने का एक प्रभावी मंच भी प्रदान करते हैं। यह पहल दिखाती है कि कैसे सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर छात्र किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं।देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें








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