
Fish Farming: बांका के ओढ़नी डैम में अब सिर्फ पानी नहीं, बल्कि तरक्की के नए द्वार खुलेंगे! जिले के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन ने एक बड़ी पहल की है। 24 केज की बंदोबस्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिससे सैंकड़ों लोगों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा।
जिला मत्स्य कार्यालय, बांका ने ओढ़नी जलाशय में 24 केज की बंदोबस्ती के लिए खुली डाक की अधिसूचना जारी कर दी है। इसका मुख्य उद्देश्य जिले में मछली उत्पादन को बढ़ाना और स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना है। इच्छुक मत्स्य पालकों, स्वयं सहायता समूहों और उद्यमियों को इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। चयनित आवेदकों को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कुल पांच वर्षों के लिए आधुनिक केज कल्चर तकनीक के माध्यम से केज संचालन का अधिकार मिलेगा।
Fish Farming के लिए खुली डाक की तिथियां और शर्तें
बंदोबस्ती के लिए खुली डाक की प्रक्रिया 28 और 29 अप्रैल, 2026 को निर्धारित की गई है। इच्छुक प्रतिभागी सुबह 11:00 बजे से जिला मत्स्य कार्यालय, बांका में उपस्थित होकर डाक प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक केज के लिए 12,000 रुपये प्रति वर्ष की दर से सुरक्षा जमा राशि निर्धारित की गई है। प्रतिभागियों को डाक में शामिल होने से पहले यह राशि जमा करनी होगी। केज का संचालन विभागीय नियमों और शर्तों के अनुरूप ही किया जा सकेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
विशेषज्ञों के अनुसार, केज कल्चर तकनीक सीमित जल क्षेत्र में भी अधिक मछली पालन संभव बनाती है। इस विधि में जालीनुमा संरचना (केज) के भीतर मछलियों का पालन किया जाता है, जिससे उनकी निगरानी, आहार प्रबंधन और संरक्षण बेहतर तरीके से हो पाता है। यह पद्धति कम समय में अधिक उत्पादन और बेहतर आय सुनिश्चित करने में बेहद कारगर मानी जाती है।
स्थानीय Fish Farming को मिलेगी नई उड़ान
गौरतलब है कि ओढ़नी डैम में आकाशी जिला योजना के तहत पहले भी 72 लाख रुपये की लागत से 24 केज लगाए गए थे। मत्स्य अधिकारियों का मानना है कि इस नई पहल से न केवल मत्स्य उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। यह योजना बांका जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
इस कदम से Fish Farming से जुड़े व्यवसायियों को एक स्थायी प्लेटफार्म मिलेगा और वे आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर अधिक मुनाफा कमा सकेंगे। उम्मीद है कि यह पहल क्षेत्र में मछली पालन के क्षेत्र में एक नई क्रांति लाएगी।







