
बिहार हाउस लिस्टिंग: अगर आप बिहार में रहते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। राज्य में आज से मकानों के सूचीकरण और गणना का कार्य शुरू हो रहा है, जिसमें आपकी भागीदारी अनिवार्य है। आपकी एक छोटी सी सहभागिता राज्य के लिए महत्वपूर्ण आंकड़े जुटाने में मददगार होगी।
भागलपुर में आज से, यानी 17 अप्रैल से 1 मई तक, मकानों की सूचीकरण और गणना का कार्य शुरू हो रहा है। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से एक विशेष पोर्टल पर संपन्न होगी, जिससे ऑनलाइन मकान सूचीकरण कार्य में पूरी पारदर्शिता और सुगमता बनी रहेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
बिहार हाउस लिस्टिंग: ‘स्व-गणना’ कैसे करें और क्या हैं नियम?
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने स्पष्ट किया कि नागरिकों को 1 मई तक आधिकारिक पोर्टल http://se.census.gov.in पर जाना होगा। वहां अपना मोबाइल नंबर दर्ज करके ‘स्व-गणना’ (सेल्फ एन्यूमरेशन) का कार्य पूर्ण करना है। मोबाइल नंबर की सत्यता ओटीपी के माध्यम से सत्यापित की जाएगी। इस प्रक्रिया में कुल 33 प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनका सही-सही जवाब देना महत्वपूर्ण है। घर के मुखिया अपने घर और उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित सभी विवरण इस पोर्टल पर दर्ज कर सकेंगे। यह ऑनलाइन मकान सूचीकरण प्रक्रिया घर बैठे आसानी से पूरी की जा सकती है।
जानकारी में सुधार और यूनिक आईडी
डॉ. नवल किशोर चौधरी ने यह भी बताया कि दर्ज की गई जानकारी को अंतिम रूप से सबमिट करने से पहले, उसमें सुधार किया जा सकता है। एक बार सभी जानकारी सबमिट हो जाने के बाद, एक विशिष्ट यूनिक आईडी जेनरेट होगा, जिसे भविष्य के लिए सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। जिला प्रशासन का लक्ष्य सटीक और विश्वसनीय आंकड़े जुटाना है।
भागलपुर जिलाधिकारी ने जिले के सभी नागरिकों से इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में अवश्य भाग लेने की अपील की है। उनका कहना है कि आपकी सहभागिता से ही जिला प्रशासन और राज्य सरकार को सटीक आंकड़े मिल पाएंगे, जो भविष्य की योजनाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होंगे। यह बिहार हाउस लिस्टिंग राज्य के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।







