
Samrat Choudhary: बिहार की सत्ता बदलते ही तस्वीर भी बदलने लगी है। नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पद संभालते ही धड़ाधड़ बड़े फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। शिक्षा और जनसुनवाई, दोनों मोर्चों पर उन्होंने ताबड़तोड़ एक्शन लिया है।
पटना। बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पदभार संभालने के तुरंत बाद ही सक्रिय मोड में आ गए हैं। सरकार के गठन के बाद से ही उन्होंने प्रशासनिक और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों की दिशा में काम शुरू कर दिया है।
शिक्षक भर्ती: लाखों युवाओं को मिलेगी राहत
सबसे पहले शिक्षा क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए शिक्षक भर्ती परीक्षा के चौथे चरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित शिक्षक भर्ती परीक्षा के इस चरण की अधिसूचना 20 अप्रैल तक जारी किए जाने की तैयारी है। आयोग के अनुसार, परीक्षा का आयोजन 22 से 27 सितंबर के बीच किया जाएगा। इस फैसले को राज्य के लाखों अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी राहत माना जा रहा है, जो लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया का इंतजार कर रहे थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
सम्राट चौधरी का ‘जनता दरबार’: सीधे समाधान की उम्मीद
इसके साथ ही, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जनसंपर्क को प्राथमिकता देते हुए अपने देशरत्न मार्ग स्थित आवास पर जनता दरबार लगाने की घोषणा की है। इस पहल के तहत वे सीधे आम लोगों की समस्याएं सुनेंगे और उनके समाधान की दिशा में कार्रवाई करेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तरह ही, अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी अपने आवास पर जनता दरबार लगाएंगे। इस कदम को सरकार और जनता के बीच की दूरी कम करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।
दरअसल, नीतीश कुमार के कार्यकाल में “जनता के दरबार में मुख्यमंत्री” कार्यक्रम काफी लोकप्रिय रहा था। इस मंच के जरिए आम लोग सीधे मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्याएं रखते थे और मौके पर ही संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहते थे। इससे शिकायतों का त्वरित समाधान संभव हो पाता था और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता भी बढ़ती थी। हालांकि कुछ निजी वजहों से इस कार्यक्रम को रोक दिया गया था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। लेकिन अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस महत्वपूर्ण जनता दरबार को फिर से शुरू करने का फैसला किया है।
सामाजिक सरोकारों से जुड़ी गतिविधियां
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने कार्यकाल की शुरुआत सामाजिक और प्रशासनिक गतिविधियों के साथ की है। वे पटना के जेपी गंगा पथ पर आयोजित नारी शक्ति वंदन अभियान में शामिल हुए, जहां उन्होंने महिलाओं को सशक्त बनाने के संदेश को आगे बढ़ाया। इस अवसर पर महिलाओं ने उनका स्वागत किया और कार्यक्रम को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। बिहार की राजनीति में एक बार फिर जनता से सीधा संवाद स्थापित करने की परंपरा लौटती नजर आ रही है।
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