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Madhubani News: मधुबनी के सरकारी स्कूलों- कॉलेजों में रील बनाने और वीडियोग्राफी पर रोक, Reels Ban in Schools, अब नहीं बनेगी क्लास में रील!

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Reels Ban in Schools: अरे भैया, सोशल मीडिया पर लाइक और व्यूज पाने के चक्कर में अपनी पढ़ाई और सुरक्षा को खतरे में डालना बंद करो! मधुबनी के जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने अब सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में रील बनाने और अनाधिकृत वीडियोग्राफी पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश 17 अप्रैल 2026 से तत्काल प्रभाव से पूरे जिले में लागू हो गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य छात्रों की सुरक्षा, निजता और शैक्षणिक माहौल को बनाए रखना है।

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मधुबनी के जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने विभिन्न स्रोतों से मिली सूचनाओं के बाद यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जहां छात्र-छात्राएं पढ़ाई के दौरान मोबाइल फोन का दुरुपयोग कर रहे थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। ये गतिविधियां न केवल पठन-पाठन को बाधित कर रही थीं, बल्कि लाइक्स और व्यूज की होड़ में छात्र खतरनाक स्टंट भी कर रहे थे, जिससे उनकी जान को खतरा था। कई मामलों में तो अन्य सहपाठियों और शिक्षकों की सहमति के बिना उनके वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर सार्वजनिक किए जा रहे थे, जो भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त मौलिक अधिकार, निजता का अधिकार का सीधा और गंभीर उल्लंघन है।

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सरकारी संस्थानों में Reels Ban in Schools: क्या हैं नए प्रतिबंध?

जिलाधिकारी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए ये प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं:

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  • शैक्षणिक अवधि में किसी भी शिक्षक, छात्र-छात्रा, बाहरी व्यक्ति या कर्मचारी द्वारा शैक्षणिक परिसर (कक्षा, मैदान, गैलरी, कैंटीन आदि) के भीतर किसी भी प्रकार की व्यावसायिक अथवा गैर-व्यावसायिक उद्देश्य से वीडियोग्राफी या फोटोग्राफी पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी।
  • शैक्षणिक अवधि में परिसर में किसी भी छात्र, छात्रा अथवा शिक्षक की सहमति के बिना उनका फोटो लेना या वीडियो बनाना एक गंभीर अपराध माना जाएगा।
  • शैक्षणिक अवधि में मोबाइल फोन का उपयोग संबंधित शिक्षण संस्थान की आंतरिक नियमावली के अधीन होगा। शैक्षणिक या प्रशासनिक प्रयोजन हेतु शिक्षक या संस्थान प्रमुख की अनुमति से मोबाइल फोन का उपयोग किया जा सकेगा, परंतु इसका उपयोग कैमरा/वीडियो रिकॉर्डिंग या गैर-शैक्षणिक सोशल मीडिया गतिविधियों के लिए नहीं किया जाएगा।
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उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई और निजता का अधिकार की सुरक्षा

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बिना सहमति के वीडियो बनाना निजता का अधिकार का गंभीर उल्लंघन है। ऐसा कृत्य करने वालों पर साइबर कानूनों एवं अन्य प्रासंगिक आपराधिक प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह फैसला सुनिश्चित करेगा कि शैक्षणिक माहौल में सुधार हो और छात्र बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें, क्योंकि अब Reels Ban in Schools सख्ती से लागू होगा।

सभी सरकारी विद्यालय/महाविद्यालय के प्रधानाध्यापकों/प्राचार्यों को मुख्य द्वार एवं नोटिस बोर्ड पर हिंदी एवं अंग्रेजी में स्पष्ट चेतावनी बोर्ड/फ्लेक्स लगाने का निर्देश दिया गया है कि परिसर में रील बनाना एवं अनधिकृत वीडियोग्राफी पूर्णतः वर्जित एवं निजता का उल्लंघन दंडनीय है। संस्थान प्रमुख आवश्यकतानुसार मोबाइल डिपॉजिट/साइलेंट मोड/प्रतिबंधित जोन की व्यवस्था भी लागू कर सकते हैं। उन्हें शिक्षकों की एक अनुशासन समिति एवं साइबर जागरूकता समिति का गठन करने का भी निर्देश दिया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया है कि उक्त आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों (छात्र/संस्थान प्रबंधन) के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 (लोक सेवक द्वारा विधिवत प्रख्यापित आदेश की अवज्ञा) एवं सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत कठोर वैधानिक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिला शिक्षा पदाधिकारी, मधुबनी को इस आदेश का कार्यान्वयन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है, साथ ही सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को सप्ताह में कम-से-कम एक बार आकस्मिक निरीक्षण कर अनुपालन प्रतिवेदन समर्पित करने को कहा गया है।

मीडिया और आधिकारिक आयोजनों के लिए नियम

यह प्रतिबंध सरकारी एजेंसियों, पुलिस विभाग, प्रशासनिक अधिकारी अथवा प्राधिकृत जाँच समिति द्वारा अनुसंधान, निरीक्षण या साक्ष्य संकलन हेतु की जाने वाली वीडियोग्राफी/फोटोग्राफी पर प्रभावी नहीं होगा। हालांकि, किसी विशेष घटना या समाचार संकलन हेतु मान्यता प्राप्त प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया हाउस के प्रतिनिधियों को शैक्षणिक परिसर में प्रवेश कर वीडियोग्राफी करने से पूर्व जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी, मधुबनी से विधिवत पूर्वानुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। विद्यालय/महाविद्यालय के आधिकारिक कार्यक्रमों (जैसे वार्षिकोत्सव, खेलकूद प्रतियोगिता, विज्ञान प्रदर्शनी आदि) की अधिकृत वीडियोग्राफी, जो पूर्णतः संस्थान प्रबंधन की देखरेख और लिखित सहमति से की जा रही हो, इस प्रतिबंध से मुक्त रहेगी। जिलाधिकारी ने जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी, मधुबनी को निर्देशित किया है कि मीडिया संस्थानों द्वारा शिक्षण संस्थानों में प्रवेश एवं कवरेज हेतु अनुमति प्राप्त करने के लिए भविष्य में एक पृथक ऑनलाइन पोर्टल/सिस्टम विकसित करेंगे, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और सुगम हो सके।

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यह निर्णय का उद्देश्य छात्रों के जीवन की सुरक्षा, उनकी गरिमा की रक्षा और उनके निजता का अधिकार को बनाए रखना है, ताकि शैक्षणिक परिसर में शांति और व्यवस्था बनी रहे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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