
पंचांग 2026-27: क्या आपके घर में भी शादी-ब्याह या कोई मांगलिक कार्यक्रम की तैयारी चल रही है? अगर हाँ, तो यह खबर आपके लिए ही है! दरभंगा में हुई पंडित सभा ने वर्ष 2026-27 के लिए सभी पर्व-त्योहारों, शुभ लग्न, उपनयन, मुंडन और गृह प्रवेश के मुहूर्त तय कर दिए हैं। इस बैठक में मिथिलांचल के कई प्रमुख पंचांगों के पंचांगकारों और विद्वानों ने हिस्सा लिया, जहाँ सर्वसम्मति से विभिन्न शुभ कार्यों की तिथियों पर मुहर लगाई गई।लहेरियासराय स्थित अखिल भारतीय मैथिल महासभा भवन बलभद्रपुर के प्रांगण में संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति लक्ष्मी निवास पांडेय की अध्यक्षता में वर्ष 2026-27 (ई. सन 1434 साल) के पंडित सभा का आयोजन किया गया। इस बैठक में मिथिला से प्रकाशित होने वाले विश्वविद्यालय पंचांग, विद्यापति पंचांग, वैदेही पंचांग, महावीर पंचांग और मिथिला पंचांग के पंचांगकारों ने भाग लिया।

इसमें मिथिला से प्रकाशित होने वाले विश्वविद्यालय पंचांग के पंचांगकार पंडित रामचंद्र झा, विद्यापति पंचांग के पंचांगकार देवकी नंदन झा, वैदेही पंचांग के अजय मिश्र, महावीर पंचांग के पंडित शिवेंद्र झा, मिथिला पंचांग के मुक्ति कुमार झा ने भाग लिया। साथ ही कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विवि और मिथिलांचल के दर्जनों विद्वान के अलावा पंडित बौआ नंद झा, पंडित लक्ष्मी नाथ झा, पूर्व कुलपति शशि नाथ झा, पंडित कुणाल झा, सुरेश्वर झा, शिवलोचन झा, भगलू झा, धनेश्वर झा, शिवेश्वर झा वियोगी, वरुण कुमार झा, राकेश कुमार झा, दिनेश झा आदि ने भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मति से सभी पंचांगों के पंचांगकारो ने अपने – अपने पंचांगों में पर्व त्यौहार एवं लग्न मुहूर्त में एकरूपता रखने का निर्णय लिया। साथ ही कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विवि और मिथिलांचल के दर्जनों विद्वान भी उपस्थित रहे, जिनमें पंडित बौआ नंद झा, पंडित लक्ष्मी नाथ झा, पूर्व कुलपति शशि नाथ झा, पंडित कुणाल झा, सुरेश्वर झा, शिवलोचन झा, भगलू झा, धनेश्वर झा, शिवेश्वर झा वियोगी, वरुण कुमार झा, राकेश कुमार झा और दिनेश झा प्रमुख थे। सभा में यह निर्णय लिया गया कि सभी पंचांगों के पंचांगकार अपने-अपने पंचांगों में पर्व-त्योहार और लग्न मुहूर्त में एकरूपता रखेंगे। यह पंचांग 2026-27 मिथिलांचल की धार्मिक परंपराओं को सहज बनाए रखने में सहायक होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
मुख्य पर्व-त्योहारों की सूची
पंडितों की सभा के अनुसार, वर्ष 2026-27 के कुछ प्रमुख पर्व-त्योहारों की तिथियां इस प्रकार हैं:
- सौरठ सभा का आयोजन: 01 जुलाई 2027 से 09 जुलाई 2027 तक
- रक्षाबंधन: 28 अगस्त 2026
- कृष्णाष्टमी: 4 सितंबर 2026
- हरितालिका और चौठ चन्द्र: 14 सितंबर 2026
- विश्वकर्मा पूजा: 17 सितंबर 2026
- अनंत पूजा: 25 सितंबर 2026
- पितृपक्ष आरंभ: 27 सितंबर 2026
- जितिया: 3 अक्टूबर 2026
- कलश स्थापना: 11 अक्टूबर 2026
- महाष्टमी व्रत: 18 अक्टूबर 2026
- विजय दशमी: 21 अक्टूबर 2026
- कोजागरा: 25 अक्टूबर 2026
- हनुमान जयंती: 07 नवंबर 2026
- दीपावली: 08 नवंबर 2026
- भातृ द्वितीय: 11 नवंबर 2026
- छठ का संध्या अर्घ्य: 15 नवंबर 2026
- छठ का सुबह का अर्घ्य और सामा पूजा प्रारंभ: 16 नवंबर 2026
- देवोत्थान एकादशी: 20 नवंबर 2026
- कार्तिकी पूर्णिमा: 24 नवंबर 2026
- विवाह पंचमी: 14 दिसंबर 2026
विवाह, उपनयन और मांगलिक कार्यों के शुभ मुहूर्त
वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न शुभ कार्यों के लिए तय किए गए मुहूर्त इस प्रकार हैं। इस विस्तृत पंचांग 2026-27 से आपको अपने सभी महत्वपूर्ण आयोजनों की योजना बनाने में मदद मिलेगी। यहां विवाह मुहूर्त और अन्य शुभ अवसरों के लिए तिथियों की विस्तृत जानकारी दी गई है।
- उपनयन (14 दिन):
- फरवरी 2027: 9 (छन्दोंग), 11, 16 (छन्दोंग), 17
- मार्च 2027: 17 (क्षत्रिय वैश्य), 18
- अप्रैल 2027: 11
- मई 2027: 10
- जून 2027: 07, 09, 13, 14
- जुलाई 2027: 06 (छन्दोंग), 08
- विवाह मुहूर्त (63 दिन):
- नवंबर 2026: 22, 25, 26, 30
- दिसंबर 2026: 04, 06, 09, 10, 11, 14
- जनवरी 2027: 18, 24, 28, 29, 31
- फरवरी 2027: 07, 10, 11, 15, 21, 22, 24, 25, 28
- मार्च 2027: 01, 03, 04, 10, 11
- अप्रैल 2027: 10, 21, 23, 25, 28, 29
- मई 2027: 02, 03, 07, 09, 13, 17, 20, 21, 23, 24, 26, 27, 30, 31
- जून 2027: 02, 04, 09, 10, 13, 14, 18, 23, 24
- जुलाई 2027: 01, 02, 07, 08, 09
- द्विरागमन (27 दिन):
- नवंबर 2026: 22, 25, 26, 29
- दिसंबर 2026: 09, 10, 11, 13, 14
- फरवरी 2027: 15, 17, 18, 19, 22, 24, 25
- मार्च 2027: 10, 11
- अप्रैल 2027: 18, 19, 21, 23, 25, 26
- मई 2027: 09, 10, 12
- मुंडन (22 दिन):
- नवंबर 2026: 26
- दिसंबर 2026: 14
- जनवरी 2027: 20, 27
- फरवरी 2027: 08, 11, 18, 19, 22, 25
- मार्च 2027: 10, 11
- मई 2027: 12, 17, 21
- जून 2027: 07, 14, 21, 23, 24
- जुलाई 2027: 05, 12
- गृहारंभ (19 दिन):
- अक्टूबर 2026: 24, 26, 30
- नवंबर 2026: 20, 21, 26, 28
- जनवरी 2027: 22
- फरवरी 2027: 19, 22, 25
- अप्रैल 2027: 23
- मई 2027: 17, 20, 22
- जून 2027: 14, 21, 23, 24
- गृह प्रवेश (18 दिन):
- अक्टूबर 2026: 24
- नवंबर 2026: 14, 19, 20, 21
- दिसंबर 2026: 14
- जनवरी 2027: 18, 20
- फरवरी 2027: 15, 17, 18, 19
- मई 2027: 10, 12, 17
- जून 2027: 14
- जुलाई 2027: 09, 10
- देवादिप्रतिष्ठा (18 दिन):
- जनवरी 2027: 20, 22
- फरवरी 2027: 08, 11, 18, 19
- मार्च 2027: 10, 11
- अप्रैल 2027: 18
- मई 2027: 09, 12, 17
- जून 2027: 06, 07, 13, 14
- जुलाई 2027: 05, 09
इस बैठक में सभी पंचांगकारों ने सर्वसम्मति से यह सुनिश्चित किया कि भविष्य में मिथिलांचल के सभी प्रमुख पंचांगों में पर्व-त्योहारों और शुभ मुहूर्त, विशेषकर विवाह मुहूर्त, की तिथियों में एकरूपता बनी रहे, ताकि लोगों को किसी प्रकार की भ्रांति न हो। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







