spot_img

Nepal News: नेपाल में भारतीय वाहनों पर लगा बैन, मधेश में बिगड़े हालात, PM शाह के बिना स्वीकृति… कोई भी फैसला नहीं होगा सार्वजनिक ?

spot_img
- Advertisement -

Nepal Indian vehicle ban: पड़ोसी मुल्क नेपाल ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिसने सरहदी इलाकों में रहने वाले लोगों की नींद हराम कर दी है। प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के नेतृत्व वाली सरकार ने भारतीय नंबर प्लेट वाले वाहनों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे भारत और नेपाल के सदियों पुराने ‘बेटी-रोटी’ के रिश्ते पर गहरी चोट पहुंची है।

- Advertisement -

यह नियम लागू होने के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में तनाव और नाराज़गी का माहौल बन गया है। भारतीय नंबर प्लेट वाले वाहनों का उपयोग अब दंडनीय अपराध की श्रेणी में आ गया है। वहीं, भारत से आने वाले लोगों के लिए भी अब साल में केवल 30 दिनों की एंट्री की सीमा तय कर दी गई है। इसके अलावा, 100 रुपये से अधिक मूल्य के भारतीय सामान पर भी नेपाल में कस्टम ड्यूटी देनी पड़ रही है। इन कड़े प्रावधानों ने सीमावर्ती नागरिकों की दैनिक जिंदगी को मुश्किल बना दिया है।

- Advertisement -

इधर, नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के दफ्तर (पीएमओ) ने सभी मंत्रालयों को निर्देश जारी किया है कि बिना प्रधानमंत्री कार्यालय की स्वीकृति के किसी भी मंत्रालय का कोई भी नीतिगत फैसला सार्वजनिक नहीं किया जाए। पीएमओ मीडिया के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्यालय में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ मौजूद हैं और उन्हें अलग-अलग मंत्रालयों की जिम्मेदारी दी गई है। कोई भी फैसला जारी करने से पहले इन विशेषज्ञों की अनुमति लेना अनिवार्य किया गया है।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Bihar News: बिहार पीएनजी कनेक्शन, अब हर माह मिलेंगे 12,000 नए कनेक्शन, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की CMG पढ़िए!

सीमा पर बढ़ीं मुश्किलें और बिगड़ते हालात

मधेश क्षेत्र में हालात सामान्य नहीं हैं। भारत से जुड़े पारिवारिक और सामाजिक रिश्तों के बीच अब इन नए नियमों ने खटास पैदा कर दी है। जो वाहन कभी रिश्तेदारों द्वारा उपहार के रूप में खुशी लेकर आए थे, वे अब लोगों के लिए बोझ बनते जा रहे हैं। ऐसे वाहनों का उपयोग बंद होने से लोग असमंजस में हैं कि उनका क्या किया जाए। नेपाल सरकार के हालिया ‘Nepal Indian vehicle ban’ के फैसले से हजारों परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट आ गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

‘बेटी-रोटी’ के रिश्ते पर संकट गहराया

यह समस्या केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि मधेश के अधिकांश परिवार इससे प्रभावित हैं। नेपाल की इस सख्ती को भारत-नेपाल के पारंपरिक ‘बेटी-रोटी’ संबंधों पर एक बड़ा आघात के रूप में देखा जा रहा है। शादी-ब्याह से लेकर व्यापार तक, दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे भारत-नेपाल संबंध रहे हैं, जो अब कमजोर पड़ते दिख रहे हैं। सीमावर्ती नागरिक 25 किलोमीटर तक स्वतंत्र रूप से आवाजाही करते रहे हैं, जिससे उनकी दैनिक जरूरतें पूरी होती थीं, लेकिन नए प्रतिबंधों ने उनकी दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित किया है।

नेपाल के भीतर भी उठ रही आवाज़ें

इस फैसले के खिलाफ नेपाल के भीतर भी आवाजें उठने लगी हैं। कोड़ेना के मेयर रूपेश कुमार ने सरकार को पत्र लिखकर अपनी गहरी चिंता जताई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत और नेपाल के बीच केवल एक सीमा ही नहीं है, बल्कि सदियों पुराने भारत-नेपाल संबंध धार्मिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक रिश्तों से भी बुने हुए हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में विवाह, व्यापार और आवागमन हमेशा से सहज रहा है, और दहेज में भारतीय वाहनों की परंपरा भी लंबे समय से चली आ रही है।

मेयर रूपेश कुमार ने नेपाल सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने और सीमित क्षेत्र में भारतीय नंबर प्लेट वाले वाहनों को पहले की तरह अनुमति देने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि यह ‘Nepal Indian vehicle ban’ का निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो इसका असर दोनों देशों के बीच वैवाहिक संबंधों, सामाजिक सौहार्द और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। नेपाल सरकार का यह कदम क्षेत्रीय स्थिरता और सद्भाव के लिए चिंताजनक है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
वहीं, प्रधानमंत्री शाह की प्रेस सलाहकार दीपा दहाल ने कहा, “अब से सभी मंत्रालयों को किसी भी सूचना या प्रेस विज्ञप्ति जारी करने से पहले प्रधानमंत्री कार्यालय से अनुमोदन लेना होगा।” 27 मार्च को प्रधानमंत्री नियुक्त हुए बालेन्द्र शाह ने राजनीतिक सलाहकारों, संचार और जनसंपर्क विशेषज्ञों को शामिल कर अपनी टीम तैयार की है। दहाल ने कहा, “प्रधानमंत्री कार्यालय में विशेषज्ञ हैं, पीएम ने मंत्रालयों में भी विशेषज्ञ टीम तैनात की है और निर्देश दिया है कि किसी भी सूचना या वक्तव्य को जारी करने से पहले हमारी टीम से स्वीकृति ली जाए।”

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Darbhanga News: कुशेश्वरस्थान पूर्वी में Census 2027 प्रगणक ट्रेनिंग प्रशिक्षण, जानें कैसे होगी डिजिटल जनगणना

Census 2027: बिहार के कुशेश्वरस्थान पूर्वी में आगामी जनगणना की तैयारियां तेज हो गई...

Darbhanga News: दरभंगा आ रहे राज्यपाल सैयद अता हसनैन, DARBHANGA अलर्ट पर! दो बड़े आयोजन और चाक-चौबंद सुरक्षा DM- SSP की कमान !

राज्यपाल का दरभंगा दौरा: बिहार के राज्यपाल का दरभंगा में जल्द ही आगमन होने...

Bihar News: सम्राट चौधरी के CM बनते ही तेज हुआ Bihar में Bulldozer Action, छपरा-मुंगेर में ताबड़तोड़ कार्रवाई, पढ़िए डर, सड़क, फुटपाथ और सरकारी...

Bihar Bulldozer Action: बिहार में इन दिनों अतिक्रमणकारियों की नींद उड़ी हुई है! सम्राट...