
Certificate Fraud: अगर आप भी सोचते हैं कि सरकारी दफ्तरों में सब कुछ ठीक चलता है, तो ज़रा रुकिए। बिहार के जाले अंचल कार्यालय से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कुछ लोग गलत फोटो और भ्रामक जानकारी देकर सरकारी प्रमाण पत्र बनवाने की फिराक में थे। इस प्रयास में अब उन पर कानूनी कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
क्या है पूरा मामला?
जाले के सूचना एवं प्रौद्योगिकी भवन स्थित अंचल कार्यालय में आवासीय और जाति प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में बड़ी गड़बड़ी उजागर हुई है। प्रशासन के संज्ञान में आया है कि कुछ आवेदकों ने गलत तस्वीरें और भ्रामक विवरण अपलोड करके प्रमाण पत्र हासिल करने की कोशिश की। यह एक गंभीर फर्जीवाड़ा है, जिस पर प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आवेदन संख्या BRCCO/2026/4386889 (दिनांक 2 अप्रैल 2026) के तहत रेवढ़ा गांव वार्ड संख्या छह निवासी केश आलम के पुत्र अब्दुल समद और आवेदन संख्या BCCCO/2026/3326453 के तहत जाले वार्ड संख्या 24 निवासी सीता राम पंडित की पुत्री रिंकू कुमारी ने यह प्रयास किया। इन दोनों ने जानबूझकर गलत फोटो और भ्रामक जानकारी सिस्टम में अपलोड की थी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
Certificate Fraud पर प्रशासन का कड़ा रुख
जांच के दौरान जब यह मामला उजागर हुआ, तो अंचल अधिकारी (सीओ) ने इसे बेहद गंभीर अनियमितता माना। उन्होंने बिना देरी किए थाना को पत्र भेजा है, जिसमें दोनों आवेदकों के विरुद्ध विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई करने की अनुशंसा की गई है। प्रशासनिक स्तर पर इस पूरे मामले की गहन जांच चल रही है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस तरह के Certificate Fraud पर अंकुश लगाना बेहद ज़रूरी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह घटना दर्शाती है कि सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और सत्यनिष्ठा बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई कितनी ज़रूरी है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







