
Cyber Fraud: मधुबनी में साइबर अपराधियों का एक बड़ा खेल पकड़ा गया है। पुलिस ने एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है, जो अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाकर लोगों को चूना लगा रहे थे। इस खुलासे के बाद हड़कंप मच गया है।
मधुबनी साइबर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है और इसके दो मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ये ठग बैंक खातों का इस्तेमाल कर ऑनलाइन फ्रॉड को अंजाम दे रहे थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान संतोष कुमार झा उर्फ प्रकाश झा और अनूप आनंद के रूप में हुई है, जो भेजा थाना क्षेत्र के रहुआ संग्राम गांव के निवासी हैं। पुलिस ने इनके पास से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया है।
साइबर धोखाधड़ी में कैसे करते थे ठगी?
मधुबनी एसपी योगेंद्र कुमार ने मंगलवार को बताया कि साइबर थाना अध्यक्ष को गुप्त सूचना मिली थी कि संतोष कुमार झा, अनूप आनंद और आलोक कुमार (जो अभी फरार है) मिलकर विभिन्न बैंकों में फर्जी खाते खुलवाते हैं और फिर इन खातों का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी के लिए करते हैं। ये साइबर अपराधी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप के माध्यम से संगठित वित्तीय साइबर ठगी में सक्रिय थे।
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कैसे पकड़े गए शातिर ठग?
सूचना के सत्यापन के बाद साइबर थाना अध्यक्ष पुलिस बल के साथ रहुआ संग्राम गांव पहुंचे और संतोष कुमार झा व अनूप आनंद को मौके से धर दबोचा। शुरुआती पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे साइबर अपराध के उद्देश्य से विभिन्न बैंकों में खाते खोलकर ऑनलाइन धोखाधड़ी करते हैं। इसके बाद दोनों अभियुक्तों को विधिवत गिरफ्तार कर थाना लाया गया। पुलिस ने इस मामले में साइबर थाना में कांड, IT Act 2000 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और फरार आरोपी आलोक कुमार की तलाश जारी है।
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