
Darbhanga Pensioner Self Immolation: दरभंगा के कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय में मंगलवार का दिन हंगामे और विरोध प्रदर्शन से भरा रहा। यहां सीनेट बैठक से ठीक पहले कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया, जिसमें स्थिति उस वक्त और गंभीर हो गई जब एक पेंशनधारी ने आत्मदाह की कोशिश कर डाली। विश्वविद्यालय प्रशासन पर वेतन और पेंशन रोकने का आरोप है, जबकि कर्मचारियों का कहना है कि विश्वविद्यालय के पास पर्याप्त फंड है। इस घटना ने प्रशासन के लिए कानून-व्यवस्था की बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है, खासकर तब जब बुधवार को राज्यपाल सीनेट बैठक में शामिल होने आने वाले हैं।
Darbhanga Pensioner Self Immolation: प्रदर्शन की मुख्य वजहें
मंगलवार को कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में दिनभर तनाव का माहौल रहा। प्रस्तावित सीनेट बैठक से पहले ही कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर धरना देकर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। इसी दौरान Darbhanga Pensioner Self Immolation की कोशिश की घटना सामने आई, जिसने सबको चौंका दिया। एक पेंशनधारी ने आत्मदाह करने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद अन्य प्रदर्शनकारियों और कर्मचारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें रोक लिया और एक बड़ी दुर्घटना टल गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रबंधन जानबूझकर वेतन भुगतान और पेंशन का भुगतान रोक रहा है, जबकि संस्थान के पास आवश्यक धनराशि मौजूद है।
Darbhanga Pensioner Protest: क्यों मजबूर हुए कर्मचारी और पेंशनधारी?
विश्वविद्यालय में सीनेट बैठक से पहले ही कर्मचारियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था, जिसके कारण बैठक को अंततः स्थगित करना पड़ा। कर्मचारियों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से वेतन और पेंशन का भुगतान जानबूझकर रोका जा रहा है, जबकि संस्थान के पास पर्याप्त फंड उपलब्ध है। इस Darbhanga Pensioner Protest के केंद्र में यही गंभीर मुद्दा है।
इस विरोध प्रदर्शन में बेनीपुर से जदयू विधायक विनय कुमार चौधरी और पूर्व एमएलसी दिलीप चौधरी भी शामिल हुए। ये सभी सदस्य सीनेट बैठक में शामिल होने विश्वविद्यालय पहुंचे थे, लेकिन गेट पर रोके जाने के बाद कर्मचारियों के साथ धरने पर बैठ गए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कुलपति लक्ष्मी निवास पांडेय से तीखे सवाल-जवाब भी किए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
कुलपति पर गंभीर आरोप और बैठक का स्थगन
प्रदर्शनकारियों ने कुलपति लक्ष्मी निवास पांडेय पर भ्रष्टाचार और जातिवाद जैसे गंभीर आरोप लगाए। स्थिति कई बार इतनी उग्र हो गई कि सीनेट की कार्यवाही बाधित रही और आखिरकार बैठक को स्थगित करना पड़ा। यह घटना विश्वविद्यालय में लंबित वेतन भुगतान के मुद्दे को और गहरा करती है।
गौरतलब है कि बुधवार को बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन को सीनेट बैठक में शामिल होने के लिए दरभंगा पहुंचना था। ऐसे में विश्वविद्यालय परिसर की वर्तमान अशांत स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बड़ी चुनौती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







