
Aguwani Sultanganj Bridge: बिहार के भागलपुर में बहुप्रतीक्षित अगुवानी-सुल्तानगंज पुल के निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए एक अनूठा प्रयास किया जा रहा है। एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन कंपनी ने अब इस परियोजना को तय समय पर पूरा करने के लिए केवल इंजीनियरिंग पर ही नहीं, बल्कि आस्था पर भी भरोसा जताया है। बनारस के सात विद्वान पंडितों द्वारा पांच दिवसीय चंडी पाठ का आयोजन शुरू हो गया है।
बार-बार बाधाओं के बाद आस्था का सहारा
सुल्तानगंज विधानसभा क्षेत्र में बन रहे अगुवानी-सुल्तानगंज पुल के निर्माण को लेकर एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन कंपनी के निर्देश पर प्रोजेक्ट मैनेजर रविशंकर कुमार ने चंडी पाठ पूजन का शुभारंभ करवाया है। वाराणसी से आए सात विद्वान पंडित इस पांच दिवसीय अनुष्ठान को संपन्न करा रहे हैं। कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर रविशंकर कुमार और आचार्य विनोद तिवारी ने बताया कि पुल निर्माण में बार-बार उत्पन्न हो रही बाधाओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इस दौरान, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। उन्होंने कहा कि चंडी पाठ के साथ-साथ अब नई तकनीक का इस्तेमाल कर युद्ध स्तर पर काम किया जा रहा है, ताकि परियोजना को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके।
2028 तक पूरा होगा Aguwani Sultanganj Bridge का काम
प्रोजेक्ट मैनेजर ने उम्मीद जताई कि Aguwani Sultanganj Bridge का निर्माण कार्य 2028 तक आम जनता के लिए पूरा कर लिया जाएगा। यह पुल भागलपुर और खगड़िया जिलों के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, जिससे क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। पुल निर्माण कंपनी के दर्जनों कर्मचारी इस पूजन के दौरान मौजूद रहे, जो इस महत्वपूर्ण पुल निर्माण परियोजना को लेकर कंपनी की गंभीरता को दर्शाता है।
धार्मिक महत्व और पुल की उपयोगिता
इस क्षेत्र का धार्मिक महत्व भी बहुत अधिक है। अजगैवीनाथ धाम यहां स्थित है, जहां सावन माह में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। धार्मिक स्थल के करीब होने के कारण भी चंडी पाठ का विशेष महत्व है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह पुल केवल एक ढांचा नहीं, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक उन्नति का प्रतीक बनेगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







