
पंचायत चुनाव: बिहार में होने वाले पंचायत चुनावों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पहली बार मल्टी-पोस्ट ईवीएम का इस्तेमाल होने जा रहा है, जिसकी सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर विशेष निर्देश दिए गए हैं।
मल्टी-पोस्ट ईवीएम: खासियतें और तैयारी
राज्य निर्वाचन आयुक्त डॉ. दीपक प्रसाद ने मंगलवार को राज्य के सभी जिला पदाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पंचायत चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन का निर्देश दिया गया। मल्टी-पोस्ट ईवीएम (एस-3 मॉडल) के रखरखाव की व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई। यह तय किया गया कि राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) निर्धारित तिथि तक पूरी कर ली जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। अप्रैल में ही मल्टी-पोस्ट ईवीएम सभी जिलों को प्राप्त हो जाएंगी। इन्हें वेयर हाउस में सुरक्षित रखा जाएगा, जहां 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी और सशस्त्र सुरक्षा बल की तैनाती रहेगी।
बिहार में पहली बार पंचायत और नगरपालिका आम-उप चुनाव में मल्टी-पोस्ट ईवीएम का उपयोग किया जा रहा है। इसके लिए आयोग द्वारा मल्टी-पोस्ट ईवीएम की 32,200 कंट्रोल यूनिट (सीयू) और 1,93,200 बैलेट यूनिट (बीयू) की खरीद की जा रही है। इस ईवीएम की एक सीयू से छह पदों के लिए मतदान और मतगणना एक साथ की जा सकती है। इसका मतलब यह है कि मल्टी-पोस्ट ईवीएम में एक सीयू के साथ एक से अधिक बीयू कनेक्ट किए जा सकते हैं। आयोग का दावा है कि यह मल्टी-पोस्ट ईवीएम परंपरागत ईवीएम की तुलना में अधिक पारदर्शी, त्वरित और त्रुटिरहित मतदान एवं मतगणना सुनिश्चित करती है। साथ ही इसमें छेड़छाड़-रोधी स्टोरेज एंड मेमोरी मॉड्यूल-कार्ड (एसएमएम) और टोटलाइजर की व्यवस्था है, जो मतगणना प्रक्रिया को और अधिक सटीक एवं विश्वसनीय बनाती है।
बिहार पंचायत चुनाव: मतदाता सूची और वार्ड सत्यापन पर आयोग का फोकस
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने निर्देशित किया कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार वार्ड वार जनसंख्या का सत्यापन तकनीकी दल से समन्वय कर वेबसाइट पर तत्काल पूरा किया जाए। किसी प्रकार की त्रुटि न रहे, इस हेतु दोहरी जांच अनिवार्य रूप से की जाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। निर्धारित तिथि से पूर्व प्रारूप का प्रकाशन हो और दावे-आपत्तियों का निस्तारण किया जाए। इसके लिए आयोग ने मल्टी-पोस्ट ईवीएम के इस्तेमाल का निर्णय लिया है, जिससे पंचायत चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति आएगी।
समीक्षा बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय और सहभागी
इस महत्वपूर्ण चर्चा में आयोग के सचिव मुकेश कुमार सिन्हा और संयुक्त निर्वाचन आयुक्त शंभू कुमार समेत अन्य अधिकारी भी सहभागी रहे। आयोग ने सभी जिला अधिकारियों को निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा है, ताकि चुनाव प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
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