
जनगणना 2027: दरभंगा के जाले प्रखंड में देश के सबसे बड़े आंकड़े जुटाने वाले काम, यानी जनगणना, की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। पहले चरण के तहत मकानों की सूचीकरण और गिनती के लिए प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को खास ट्रेनिंग दी जा रही है।
जाले प्रखंड परिसर में भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना से संबंधित चार्ज पर्यवेक्षकों एवं प्रगणकों का प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण जारी है। प्रभारी बीडीओ मनोज कुमार के दिशा-निर्देशन में यह प्रशिक्षण 16 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक निर्धारित किया गया है। बुधवार को तीसरे बैच के प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण सुबह 9:30 बजे शुरू होकर शाम 5:30 बजे तक चला और शुक्रवार तक जारी रहेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इस दौरान प्रतिभागियों को कुल 34 बिंदुओं पर विस्तृत एवं व्यवहारिक जानकारी दी जा रही है, ताकि जनगणना कार्य को त्रुटिरहित और समयबद्ध ढंग से संपन्न कराया जा सके।
जनगणना 2027 का पहला चरण: क्यों है महत्वपूर्ण?
दरअसल, किसी भी देश की प्रगति और योजनाओं के सही क्रियान्वयन के लिए सटीक आंकड़े बेहद जरूरी होते हैं। भारत की जनगणना 2027 का पहला चरण, जो कि मकानों की सूचीकरण और उनकी गणना से संबंधित है, इसका आधार तैयार करता है। इस चरण में हर घर, हर परिवार की जानकारी दर्ज की जाती है, जो आगे चलकर जनसंख्या के विस्तृत आंकड़ों के लिए नींव का काम करती है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
प्रशिक्षण में किन बातों पर है जोर?
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रखंड मुख्यालय स्थित सूचना एवं प्रौद्योगिकी भवन के प्रथम एवं द्वितीय तल के सभागार के साथ-साथ ई-किसान भवन के भूतल एवं प्रथम तल पर आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण सत्र का संचालन वरिष्ठ प्रशिक्षक सर्वेश कुमार, मित्तल जायसवाल, आशुतोष कुमार, बैजनाथ रजक, विरेंद्र कुमार, दीपक कुमार, चंद्रमणि विद्यार्थी एवं विकास कुमार द्वारा किया जा रहा है। प्रशिक्षण में निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि आगामी जनगणना कार्य को प्रभावी और तथ्यात्मक रूप से पूरा किया जा सके:
- मकान सूचीकरण
- परिवार विवरण संकलन
- प्रपत्रों का सही संधारण
- डाटा प्रविष्टि की प्रक्रिया
यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी प्रगणक और पर्यवेक्षक हर बारीकी को समझें और फील्ड में बिना किसी गलती के अपना काम कर सकें। सही मकान सूचीकरण ही सटीक जनगणना की कुंजी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।







