
Bihar Heatwave: बिहार में इन दिनों सूरज आग उगल रहा है और पछुआ हवाएं इस आग को और भड़का रही हैं। बुधवार को भी राज्य के कई जिले भीषण गर्मी और लू की चपेट में रहे, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। आखिर कब मिलेगी इस तपिश से राहत?
बिहार में जारी हीटवेव और तापमान की स्थिति
बुधवार को बिहार के तीन प्रमुख शहर – मोतिहारी, बक्सर और शेखपुरा – हीटवेव की चपेट में रहे। यहां अधिकतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया गया, जिससे लू की स्थिति बनी रही। पटना सहित कुल 12 शहरों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। बक्सर जिले में इस सीजन का सर्वाधिक तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जहां हवा की गति 43 किमी प्रति घंटा तक दर्ज की गई। मौसम विभाग ने बताया है कि अगले दो दिनों तक राज्य में Bihar Heatwave की स्थिति बनी रह सकती है।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, पछुआ हवाओं के प्रभाव से अगले दो दिनों तक राज्य में गर्मी और शुष्की बनी रहेगी। पटना समेत दो दर्जन से अधिक जिलों में भीषण गर्मी का असर दिखेगा। कुछ जिलों में तो पछुआ हवा की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है।
आंधी-पानी का येलो अलर्ट: कब बदलेगा मौसम?
हालांकि, तपती गर्मी के बीच कुछ राहत की उम्मीद भी है। मौसम विभाग ने बताया कि 24 अप्रैल की शाम से प्रदेश के मौसम में आंशिक बदलाव आ सकता है। उत्तर मध्य और उत्तर-पूर्वी बिहार के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ आंधी-पानी का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 27 और 28 अप्रैल को किशनगंज, अररिया और सुपौल में वर्षा की संभावना है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें पटना में बुधवार को अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा, गया, शेखपुरा, बक्सर, डुमरांव, औरंगाबाद, राजगीर, भभुआ, अरवल और जहानाबाद में भी पारा 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। दक्षिण बिहार के अधिकांश हिस्सों में दिनभर तेज गर्मी का प्रकोप जारी रहा।
कालबैशाखी की कमजोरी और बढ़ते पारे का खेल
दरअसल, मानसून पूर्व सीजन में होने वाली वर्षा और आंधी, जिसे स्थानीय रूप से कालबैशाखी कहा जाता है, तापमान को नियंत्रित रखती है। बिहार में मार्च और अप्रैल के दौरान कालबैशाखी का प्रभाव अक्सर देखने को मिलता है। दिन के शुरुआती हिस्से में गर्मी रहती है, लेकिन दोपहर बाद बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी युक्त हवाएं स्थानीय मौसम तंत्र के साथ मिलकर तेज आंधी और बारिश कराती हैं। इससे पछुआ हवाओं का असर नियंत्रित होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। हालांकि, इस बार कालबैशाखी का असर काफी कमजोर रहा है, जिससे अधिकतम तापमान लगातार बढ़ रहा है। मौसमविदों के अनुसार, एक नया पश्चिमी विक्षोभ गुरुवार को हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय होगा, लेकिन इसका प्रभाव फिलहाल सीमांचल तक ही सीमित रहने की संभावना है। यदि यह विक्षोभ मजबूत हुआ, तो अप्रैल के अंतिम सप्ताह में बिहार के अन्य हिस्सों में भी तापमान में कुछ कमी आ सकती है, जिससे कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक आशीष कुमार ने बताया कि इस बार आंधी-पानी की घटनाएं कम होने के कारण तापमान में लगातार वृद्धि देखी जा रही है।






