
Madhubani Minor Rape Case: बिहार के मधुबनी जिले में एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म और अपहरण के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। विशेष पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को 10 साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा दी है। इस फैसले से पीड़ितों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
मधुबनी जिला अपर सत्र न्यायाधीश-7 सह विशेष न्यायाधीश पॉक्सो नीरज कुमार त्यागी की अदालत ने नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म मामले में एक दोषी को 1 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला गुरुवार को सुनाया गया। अदालत ने दोषी पर 3 हजार रुपये का जुर्मना भी लगाया है। यदि दोषी जुर्माने की राशि अदा नहीं करता है, तो उसे दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। Madhubani Minor Rape Case में यह फैसला न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कौन है दोषी और क्या थी घटना?
दोषी की पहचान झंझारपुर ओपी क्षेत्र के दीप पश्चिम निवासी भरत मंडल उर्फ राजा मंडल के रूप में हुई है। अदालत ने उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (दुष्कर्म) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4 (यौन उत्पीड़न) के तहत दोषी ठहराया है। विशेष लोक अभियोजक कुमारी मधुरानी ने बताया कि यह घटना 13 दिसंबर 2019 की है। नाबालिग पीड़िता ट्यूशन पढ़ने के लिए झंझारपुर गई थी, तभी आरोपी भरत मंडल अपने एक सहयोगी के साथ उसे फुसलाकर दिल्ली ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। पीड़िता के भाई ने लखनौर आरएस ओपी में इस मामले को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने गहन जांच शुरू की और न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ी।
पीड़िता को मिलेगा एक लाख का मुआवजा
अदालत ने पीड़िता को मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से एक लाख रुपये देने का भी निर्देश दिया है। इसके साथ ही, अदालत ने यह भी आदेश दिया है कि यदि दोषी द्वारा जुर्माना राशि जमा की जाती है, तो वह राशि भी पीड़िता को ही प्रदान की जाए। यह निर्णय Madhubani Minor Rape Case में पीड़िता को सहारा देने और उसे न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह न्यायपालिका की सक्रियता और पॉक्सो एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है।






