
Nitish Kumar JDU Office: बिहार की राजनीति में हलचल मची हुई है। सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद नीतीश कुमार पहली बार पार्टी दफ्तर पहुंचे, तो हर तरफ निगाहें टिक गईं। इस खास मौके पर उन्होंने न केवल कार्यकर्ताओं से मुलाकात की, बल्कि अपने काम और राजनीति के पांच बड़े संदेश भी दिए।
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार ने सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद पहली बार JDU दफ्तर का दौरा किया। वे भामाशाह जयंती के अवसर पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की, जिससे पूरे दफ्तर में उत्साह का माहौल दिखा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
Nitish Kumar JDU Office में 10 मिनट का प्रवास और संदेश
जानकारी के अनुसार, नीतीश कुमार JDU दफ्तर में लगभग 10 मिनट तक रुके। उनके पहुंचते ही नेताओं ने जोरदार स्वागत किया और इस दौरान वे खुद पर बने गाने पर मुस्कुराते दिखे, तालियां भी बजाईं। कार्यक्रम के बीच कार्यकर्ताओं को भामाशाह का परिचय और नीतीश कुमार के संदेशों वाले पंपलेट भी बांटे गए। यह मुलाकात पार्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, खासकर ऐसे समय में जब बिहार की राजनीति में कई समीकरण बदल रहे हैं।
नीतीश कुमार का सक्रिय मोड
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब पूरी तरह से जनता दल (यूनाइटेड) के संगठन को मजबूत करने में जुट गए हैं। मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद, जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नीतीश कुमार सक्रिय भूमिका में दिख रहे हैं और लगातार पार्टी के कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। रविवार सुबह वे अचानक जेडीयू के प्रदेश कार्यालय पहुंचे, जहां दोनों उप-मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव भी मौजूद थे। पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी इस दौरान उपस्थित रहे। नीतीश कुमार ने कार्यालय का विस्तृत निरीक्षण किया और वहां मौजूद पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से गहन चर्चा की।
जेडीयू संगठन की मजबूती पर फोकस
सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब पार्टी का पूरा ध्यान संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान और आगामी चुनावी तैयारियों पर होना चाहिए। उन्होंने निम्नलिखित बिन्दुओं पर विशेष ध्यान देने की बात कही:
- जमीनी स्तर पर पार्टी को और अधिक मजबूत करना।
- सक्रिय सदस्यता अभियान चलाकर नए सदस्यों को जोड़ना।
- आगामी चुनावों के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करना।
- युवा और महिला विंग को सशक्त बनाना।
मुख्यमंत्री पद से अलग होने के बाद यह पहला मौका था जब नीतीश कुमार इतने लंबे समय तक प्रदेश कार्यालय में रुके और नेताओं के साथ विस्तृत बैठक की। इस बैठक में आगामी रणनीति, जिलों में संगठनात्मक बदलाव और युवा व महिला विंग को मजबूत करने पर खास चर्चा हुई, जो पार्टी विस्तार के लिए महत्वपूर्ण है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
पार्टी कार्यालय का रखरखाव
नीतीश कुमार ने इस दौरान कार्यालय के रखरखाव, सुविधाओं और पार्टी दफ्तर की व्यवस्था पर भी बारीकी से नजर रखी। उन्होंने कुछ कमियों को तुरंत सुधारने के आदेश दिए, ताकि पार्टी कार्यकर्ता बेहतर माहौल में काम कर सकें। उनका यह सक्रिय रुख साफ दर्शाता है कि वे अब जेडीयू संगठन की हर बारीकी पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान दे रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
नीतीश कुमार के 5 महत्वपूर्ण संदेश
- मैं काम करता हूं, मेरा काम ही बोलता है।
- राजनीति सेवा के लिए है, मेवा के लिए नहीं।
- न्याय के साथ विकास यानि हर क्षेत्र और हर तबके का विकास।
- आधे मन से कोई बड़ा काम नहीं होता।
- बिहार को मैं उस ऊंचाई पर ले जाना चाहता हूं, जहां से चाहकर भी कोई नीचे ना ला सके।
इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव, पूर्व मंत्री लेसी सिंह, श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, रत्नेश सदा सहित JDU के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बाद में मीडिया से बातचीत करते हुए उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी ने बताया कि यह कार्यक्रम पार्टी के व्यवसायिक प्रकोष्ठ की ओर से आयोजित किया गया था, जिसमें भाग लेने के लिए नीतीश कुमार आए थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार अक्सर पार्टी दफ्तर आते रहते हैं और कार्यकर्ताओं से मिलते हैं। सीएम पद छोड़ने के बाद Nitish Kumar JDU Office में उनकी यह पहली उपस्थिति थी, जिसने कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भर दी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/







