
Bihar Administration: बिहार में अब सरकारी कामकाज में देरी करने वाले अधिकारियों की खैर नहीं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुंगेर के तारापुर से सख्त संदेश देते हुए कहा है कि फाइलों को बेवजह रोकना अब महंगा पड़ेगा। सरकार अब जनता की समस्याओं को तुरंत हल करने के लिए कमर कस चुकी है।
रविवार को मुंगेर के तारापुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि कोई भी अधिकारी एक महीने से अधिक समय तक फाइल अपने पास रखता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को अपनी कार्यशैली सुधारने और जनता के प्रति जवाबदेह बनने का निर्देश दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अब कामकाज की रफ्तार बढ़ाने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था लागू कर रही है।
Bihar Administration: फाइलों को रोकने पर सीधी कार्रवाई: CM की चेतावनी
मुख्यमंत्री कार्यालय अब सीधे तौर पर ब्लॉक, अंचल और थाना स्तर पर कामकाज की निगरानी करेगा। इसका मुख्य मकसद आम लोगों की शिकायतों का जल्द से जल्द और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। सम्राट चौधरी ने बताया कि प्रशासन को लोगों के दरवाजे तक पहुंचाने की तैयारी हो चुकी है।
यह कदम प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। हर पंचायत में महीने में दो दिन जन सुनवाई कैंप आयोजित किए जाएंगे। इन कैंपों में लोगों की समस्याओं को मौके पर ही सुना जाएगा और तत्काल समाधान का प्रयास किया जाएगा। इस अभियान को पूरे बिहार में लागू करने की योजना है। इन कदमों से सीधे तौर पर Bihar Administration की छवि बेहतर होगी।
घर-घर पहुंचेगी सरकार: ब्लॉक से पंचायत तक मॉनिटरिंग
सरकार की योजना है कि आम जनता को अपनी समस्याओं के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें। इन पंचायत स्तरीय कैंपों से सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित होगा, जिससे समस्याओं का समाधान सुनिश्चित होगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
मुंगेर का पहला दौरा: विकास परियोजनाओं का शिलान्यास
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का मुख्यमंत्री बनने के बाद यह मुंगेर जिले का पहला दौरा था, जो उनके गृह जिले के रूप में भी जाना जाता है। इस दौरे के दौरान उन्होंने असरगंज प्रखंड के बैजलपुर गांव में प्रधानमंत्री के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ को गांव के लोगों के साथ सुना। इस कार्यक्रम में लगभग पांच हजार महिला और पुरुष शामिल हुए, जिन्होंने मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इस दौरान स्थानीय लोगों में काफी उत्साह देखा गया।मुख्यमंत्री ने अपने इस दौरे पर विकास कार्यों पर भी विशेष ध्यान दिया। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठकें कीं और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। इसी क्रम में वे सड़क मार्ग से ढोल पहाड़ी भी गए, जहां करीब 12.49 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले एक बड़े इको-टूरिज्म हब का शिलान्यास किया गया। दिनभर के व्यस्त कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से पटना लौट गए। प्रशासनिक सख्ती और गांव स्तर तक पहुंच बनाने के ये संदेश सरकार की नई और जन-उन्मुख कार्यशैली का स्पष्ट संकेत हैं। ऐसे प्रशासनिक सुधारों से जनता को सीधा लाभ मिलेगा।








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