
दरभंगा। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के स्नातकोत्तर हिन्दी विभाग ने अपने ‘पत्रकारिता एवं जनसंचार कोर्स’ के छात्रों के लिए एक विशेष 15 दिवसीय शिविर का आयोजन किया है। यह शिविर सिटीजन आवाज कार्यालय, लहेरियासराय में शुरू हुआ है, जिसका उद्देश्य छात्रों को पत्रकारिता के व्यावहारिक पहलुओं से रूबरू कराना है। इस उद्घाटन सत्र में विश्वविद्यालय के कई गणमान्य व्यक्तियों और अनुभवी पत्रकारों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने पत्रकारिता के महत्व और चुनौतियों पर प्रकाश डाला।
पत्रकारिता प्रशिक्षण: क्यों महत्वपूर्ण है यह क्षेत्र?
विश्वविद्यालय हिन्दी विभाग के अध्यक्ष प्रो. उमेश कुमार ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में पत्रकारिता के क्षेत्र को विस्तृत और महत्वपूर्ण बताते हुए इसमें पत्रकारिता नैतिकता की महत्ता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को हमेशा प्रेस मैन्युअल का पालन करना चाहिए। पत्रकार सिर्फ वस्तुस्थिति से अवगत ही नहीं कराते, बल्कि समाज की सर्वोत्तम सेवा भी करते हैं। उन्होंने बताया कि अखबारों की छोटी से छोटी खबर भी काफी प्रभावी सिद्ध होती है और पत्रकारिता हमें दिशा प्रदान कर हमारे दायित्वों का बोध भी कराती है। यह समाज सेवा के साथ-साथ एक प्रतिष्ठित पेशा भी है। उन्होंने कई सफल पत्रकारों की प्रेरक रिपोर्टिंग की चर्चा करते हुए प्रशिक्षु छात्रों को सफल पत्रकार बनने के कई गुरुमंत्र सिखाए, जिससे यह पत्रकारिता प्रशिक्षण उनके भविष्य के लिए एक मजबूत आधार बन सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
लोकतंत्र का चौथा स्तंभ और पत्रकारिता
मुख्य अतिथि एवं विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ. आर एन चौरसिया ने पत्रकारिता को समाज का आईना बताते हुए इसे लोकतंत्र का चौथा स्तंभ करार दिया। उन्होंने कहा कि यह जनता और सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का काम करती है, जो लोगों को सूचना, शिक्षा, मनोरंजन और जागरूकता प्रदान करने का एक बड़ा माध्यम है। डॉ. चौरसिया ने पत्रकारिता को ‘जनता की संसद’ बताया, जिसमें हमेशा जनता की बातों को प्रमुखता से उठाया जाता है। उन्होंने इसे पांचवें वेद के समान बताते हुए कहा कि यह ज्ञान-विज्ञान संबंधी अनेक बातों को जानने में सहायक है और तेजी से लोकमत बनाने या समाज-परिवर्तन की क्षमता रखती है। पत्रकारिता जनसंचार का सशक्त माध्यम है जो सिर्फ आजीविका का साधन ही नहीं, बल्कि आम लोगों में आत्मविश्वास का भाव जगाने का बेहतरीन माध्यम भी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह दावे-कुचले एवं हांसिये के लोगों की मुखर आवाज है।
प्रशिक्षण शिविर में क्या-क्या सीख रहे छात्र?
मुख्य प्रशिक्षक पंकज कुमार झा ने बताया कि इस 15 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में छात्रों को पत्रकारिता मैन्युअल की विस्तृत जानकारी के साथ ही विभिन्न व्यावहारिक कौशल सिखाए जा रहे हैं। इसमें शामिल हैं:
- वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी के गुर
- आकर्षक शीर्षक लेखन
- फील्ड रिपोर्टिंग की बारीकियां
- साक्षात्कार (Interview) लेने का तरीका
- किसी भी सामयिक समस्या पर लेखन का अभ्यास
आशीष रंजन के संचालन में आयोजित इस उद्घाटन सत्र में कई छात्रों ने साक्षात्कार लेने, ग्राउंड रिपोर्टिंग करने और समकालीन समस्याओं पर लेखन कला की बेहतरीन प्रस्तुति दी। छात्रों ने पत्रकारिता से संबंधित रोचक प्रश्न भी रखे, जिनका समुचित उत्तर अतिथियों ने दिया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।






