
Akbar Nagar Haat Tender: अकबरनगर नगर पंचायत को बड़ा झटका लग रहा है। नगर विकास विभाग के निर्देश के बावजूद, अकबरनगर हाट की निविदा प्रक्रिया में देरी हो रही है, जिसके चलते नगर पंचायत को हर महीने हजारों रुपये का राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी, हाट के लिए नई निविदा नहीं निकाली गई है, जिससे वित्तीय घाटा लगातार बढ़ रहा है।
अकबरनगर हाट टेंडर: क्या है पूरा मामला?
नगर पंचायत अकबरनगर को नगर विकास और आवास विभाग के संयुक्त सचिव द्वारा 25 मार्च को ही सार्वजनिक हाट स्थानांतरित करने का पत्र मिल गया था। इस स्थानांतरण से नगर पंचायत को राजस्व में वृद्धि की उम्मीद थी, क्योंकि अब हाट से होने वाली आय पर उनका सीधा अधिकार हो गया है। हालांकि, अकबरनगर हाट टेंडर प्रक्रिया में हो रही लेटलतीफी के कारण राजस्व बढ़ोतरी की यह उम्मीद फिलहाल अधर में लटकी हुई है।
9 अप्रैल को हुई स्थायी सशक्त समिति की बैठक में भी अकबरनगर हाट की निविदा और अतिक्रमित जमीन की मापी को लेकर चर्चा हुई थी। लेकिन बैठक के लगभग 20 दिन बीत जाने के बाद भी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
हाट की स्थिति और राजस्व वसूली का खेल
अकबरनगर में सोमवार और शुक्रवार को बड़े पैमाने पर हाट लगता है, जिसमें हजारों दुकानदार अपनी दुकानें लगाते हैं। पहले इस हाट की बंदोबस्ती अंचल स्तर पर होती थी और राजस्व अंचल को मिलता था। अब नगर पंचायत को हाट स्थानांतरित होने के बाद, यह आय नगर पंचायत अकबरनगर का अधिकार क्षेत्र बन गई है। लेकिन निविदा की प्रक्रिया में देरी के कारण, इस हाट से होने वाली राजस्व प्राप्ति का राजस्व का नुकसान लगातार एक महीने से हो रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
हालांकि, दुकानदारों का कहना है कि हाट वाले दिन राजस्व वसूली की जा रही है। इस संबंध में कार्यपालक पदाधिकारी निशांत कुमार ने बताया कि निविदा को लेकर प्रक्रिया चल रही है और इसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी सप्ताह में दो दिन लगने वाले हाट में नगर पंचायत कार्यालय द्वारा प्राप्त रसीद पर ही राजस्व की वसूली की जा रही है।
अवैध वसूली पर सख्त चेतावनी
कुछ दुकानदारों का यह भी कहना था कि हाट के अलावा अन्य दिनों में भी वसूली की जाती है। इस पर कार्यपालक पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि नगर पंचायत स्तर से केवल हाट वाले दिनों में ही राजस्व की वसूली की जाती है और इसके बदले रसीद भी दी जाती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अन्य दिनों में कोई राजस्व की वसूली करता है, तो दुकानदार नगर पंचायत कार्यालय में इसकी शिकायत करें। ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
अध्यक्ष प्रतिनिधि अंजीत कुमार ने भी इस बात पर जोर दिया कि अन्य दिनों की वसूली की जानकारी नहीं है और यदि ऐसा होता है तो दोषियों पर कानूनी कार्रवाई होगी। साथ ही उन्होंने निविदा प्रक्रिया को भी जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







