
LPG Price: जिसने पच्चीस मार्च को अंतिम सिलेंडर लिया उसे मैसेज आया अब अगले सिलेंडर बीस अप्रैल को उन्हें बार बार रिमाइंडर के एक ही मैसेज आता है चार घंटे में बताते हैं लेकिन वो चार घंटे दस दिन बाद भी नहीं आया। यह हाल है दरभंगा का, जहां सिंहवाड़ा के उपभोक्ता हर दिन जिला प्रशासन के दावे की हकीकत अखबारों में पढ़ता है। इतने वितरण किए। कल इतने करेंगे लेकिन हकीक़त और प्रशासन का दावा यही है। एक महीने छह दिन बाद भी बुकिंग का मैसेज नहीं आया है। खैर अब ये पढ़िए। दिल दुखेगा।
मई का महीना शुरू होते ही आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालने वाली खबर आ रही है। 1 मई 2026 से रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव की प्रबल संभावना है, जो करोड़ों उपभोक्ताओं के घरेलू बजट को प्रभावित कर सकता है। पेट्रोलियम कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार की समीक्षा के बाद हर महीने दाम तय करती हैं, और इस बार भी बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं।
LPG Price: कीमतों में संभावित वृद्धि और वैश्विक प्रभाव
हर महीने की पहली तारीख को रसोई गैस सिलेंडर के दामों में संशोधन होता है। इस बार भी ऐसी अटकलें हैं कि 1 मई 2026 से घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों के दाम बढ़ सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो सीधा असर देश के करोड़ों घरेलू गैस उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव, ऊर्जा संकट का कारण बन रहा है, जिसका सीधा असर भारत में रसोई गैस की आपूर्ति और कीमतों पर पड़ता है। तेल विपणन कंपनियां – इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम – इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखकर हर महीने नई कीमतें जारी करती हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। हाल के महीनों में 14.2 किलोग्राम वाले रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में करीब 60 रुपये की बढ़ोतरी देखी गई है। वहीं, 19 किलोग्राम वाले व्यावसायिक सिलेंडरों के दाम भी लगातार बढ़े हैं; अप्रैल 2026 में महानगरों में इनकी कीमतों में 196 से 218 रुपये तक का इजाफा हुआ था। ऐसे में मई में भी उपभोक्ताओं को कीमत वृद्धि की आशंका बनी हुई है।
बदलेंगे बुकिंग और वितरण के नियम, बढ़ेगी सुरक्षा
कीमतों में बदलाव के साथ-साथ रसोई गैस की बुकिंग और वितरण प्रणाली में भी कुछ अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं। सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सिलेंडर वितरण के समय वन-टाइम पासवर्ड (OTP) आधारित सत्यापन प्रणाली को स्थायी रूप से लागू किया जा सकता है। वर्तमान में लगभग 94 प्रतिशत वितरण इसी प्रणाली से हो रहा है। इसके अलावा, सिलेंडर बुकिंग के बीच के अनिवार्य अंतराल, जिसे ‘लॉक-इन’ अवधि कहा जाता है, में भी संशोधन संभव है। वर्तमान में शहरी क्षेत्रों में यह 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन है। इन बदलावों के पीछे का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश में रसोई गैस और अन्य प्रकार की गैस (जैसे पाइप वाली गैस और CNG) की आपूर्ति पूरी तरह से सुनिश्चित हो, विशेषकर मौजूदा वैश्विक चुनौतियों के बावजूद। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। आंकड़ों के अनुसार, देश में लगभग 98 प्रतिशत गैस बुकिंग अब ऑनलाइन माध्यम से हो रही है। व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, औषधि उद्योग, इस्पात, वाहन निर्माण और कृषि जैसे आवश्यक क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है।
उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों पर भी असर
सरकार प्रवासी मजदूरों की सहायता के लिए 5 किलोग्राम वाले छोटे सिलेंडरों की आपूर्ति दोगुनी कर चुकी है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए आधार आधारित इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया गया है। यदि लाभार्थी निर्धारित समय के भीतर यह प्रक्रिया पूरी नहीं करते हैं, तो उनके गैस कनेक्शन रद्द होने की भी संभावना है। बड़े शहरों में व्यावसायिक उपभोक्ताओं को पाइप वाली गैस (PNG) अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है और ऐसे उपभोक्ताओं को नए गैस सिलेंडर कनेक्शन लेने पर रोक भी लगाई गई है। मई 2026 का महीना रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है, जिसमें कीमतों में बढ़ोतरी, बुकिंग-वितरण नियमों में संशोधन और नए सुरक्षा मानक शामिल हैं। यह सब आम लोगों के दैनिक जीवन और बजट पर सीधा प्रभाव डालेंगे। इसलिए, उपभोक्ताओं को इन संभावित परिवर्तनों के प्रति सचेत रहने की सलाह दी जाती है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







