
बिहार सुशासन: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक कर उन्हें कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को दो महीने के भीतर ज़मीनी परिणाम दिखाने का अल्टीमेटम दिया है, साथ ही रोज़ सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक कार्यालय में बैठकर जनता की शिकायतें सुनने और उनका समाधान करने को कहा है।
उद्योग और निवेश को बढ़ावा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने निर्देश दिया कि हर जिले में इंडस्ट्री हब विकसित किया जाए। दूसरे राज्यों से आने वाले उद्योगपतियों को सुरक्षा और हर ज़रूरी सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि निवेशकों के साथ एक-एक पदाधिकारी को जोड़ा जाए, ताकि उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके और राज्य में निवेश का बेहतर माहौल बन सके।
कानून-व्यवस्था और अधिकारियों की जवाबदेही
बैठक में कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि जघन्य अपराधों में तत्काल कार्रवाई हो। खासकर बिहार में अपराध नियंत्रण और बच्चियों के खिलाफ होने वाले अपराधों में आरोपी की जल्द गिरफ्तारी, चार्जशीट और कड़ी सज़ा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। डायल 112 को और मज़बूत बनाने पर भी ज़ोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने अपने 27 वर्षों के अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि सही सोच वाले डीएम और एसपी जिले की 75% समस्याओं को खुद खत्म कर सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ काम करने और परिणाम देने की नसीहत दी। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने अधिकारियों से अपनी क्षमता का पूरा उपयोग करने को कहा। वहीं डीजीपी विनय कुमार ने निर्देश दिया कि आदतन अपराधियों पर सख्ती से कार्रवाई की जाए और बिहार में अपराध नियंत्रण के लिए कोर्ट में मज़बूत पैरवी कर उनकी ज़मानत रुकवाई जाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
CM का सख्त संदेश: बिहार सुशासन प्राथमिकता
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने डीएम और एसपी को प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक अनिवार्य रूप से कार्यालय में बैठकर जनता की समस्याएं सुनने और उनका समाधान करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन की ज़िम्मेदारी है कि पीड़ितों को समय पर न्याय मिले। डीजी ऑपरेशन कुंदन कृष्णन ने बताया कि राज्य में पुलिस बल की कमी को दूर करने के लिए लगातार बहाली की जा रही है और आने वाले समय में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां होंगी। बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दो महीने के भीतर बेहतर परिणाम देने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता विकास के साथ-साथ मज़बूत कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करना है, ताकि बिहार सुशासन का नया अध्याय शुरू हो सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें








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