
संस्कृत विश्वविद्यालय रजिस्ट्रार: संस्कृत विश्वविद्यालय में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है। राजभवन द्वारा नियुक्त डॉ. दिनेश झा ने गुरुवार को कुलसचिव का पदभार ग्रहण कर लिया। उन्होंने पदभार संभालने के बाद विश्वविद्यालय के सर्वांगीण विकास में सभी के सहयोग की अपेक्षा की है। यह नियुक्ति 29 अप्रैल, बुधवार को राजभवन द्वारा की गई थी।
विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. निशिकांत ने बताया कि कुलसचिव डॉ. झा ने कुलपति प्रो. लक्ष्मीनिवास पांडेय के कार्यालयीय कक्ष में अपनी योगदान प्रक्रियाएं पूरी कीं। मौके पर कुलपति प्रो. पांडेय ने उम्मीद जताई कि डॉ. झा अपने नाम के अनुरूप विश्वविद्यालय के कार्यों को कुशलता से संपादित करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि डॉ. झा विश्वविद्यालय में पहले से ही पदाधिकारी के रूप में कार्यरत रहे हैं, इसलिए हम उनके कार्यप्रणाली से पूरी तरह वाकिफ हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। जाहिर है, ऐसे में विश्वविद्यालय अवश्य ही नई ऊंचाइयों को छुएगा। कुलपति ने डॉ. झा को उनकी नई भूमिका के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
कुलसचिव डॉ. झा की प्राथमिकताएं और संस्कृत विश्वविद्यालय रजिस्ट्रार का विजन
इसी बीच, नवनियुक्त संस्कृत विश्वविद्यालय रजिस्ट्रार डॉ. दिनेश झा ने पदभार ग्रहण करते ही अपने संबोधन में सभी को आश्वस्त किया कि नियम-परिनियम और सरकार के साथ-साथ राजभवन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही कार्य किए जाएंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। अनावश्यक संचिकाओं को नहीं रोका जाएगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विकास और प्रशासनिक कार्यों को बेहतर बनाने के लिए सभी का सहयोग अपेक्षित है। उन्होंने स्वीकार किया कि विश्वविद्यालय में कई ऐसे मुद्दे हैं, जिन्हें मिल बैठकर आसानी से हल किया जा सकता है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि अगले कुछ दिनों में कार्य संस्कृति में सकारात्मक बदलाव अवश्य नजर आएगा। डॉ. झा ने कुलपति प्रो. पांडेय और माननीय राज्यपाल महोदय के प्रति भी आभार और कृतज्ञता व्यक्त की। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
कर्मचारियों ने किया भव्य स्वागत
इस अवसर पर विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रघुनन्दन लाल कर्ण और सचिव अभिमन्यु कुमार के नेतृत्व में कुलपति और नवनियुक्त कुलसचिव को पाग-चादर और फूलमाला भेंट कर सम्मानित किया गया। संघ के पदाधिकारियों और अन्य सदस्यों ने नवनियुक्त कुलसचिव को संघ का भरपूर सहयोग देने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि कुलसचिव डॉ. झा ‘अपने घर के’ हैं, उन्हें विश्वविद्यालय की कमजोरियां और मजबूतियां दोनों पता हैं। ऐसे में सभी को साथ लेकर विश्वविद्यालय विकास को नई ऊंचाइयों पर आसानी से लाया जा सकता है। इस मौके पर विश्वविद्यालय के सभी पदाधिकारी और कर्मी मौजूद थे।





