
हाई-टेक नकल गिरोह: मधुबनी में इन दिनों ‘सरकारी नौकरी’ दिलाने के नाम पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले गैंग्स खूब एक्टिव हैं। लेकिन अब पुलिस ने ऐसे ही एक हाई-टेक नकल गिरोह का भंडाफोड़ कर दो शातिर अपराधियों को दबोचा है। इनकी करतूतें जानकर आपके भी होश उड़ जाएंगे।
मधुबनी पुलिस ने जिले में प्रतियोगी परीक्षा की निष्पक्षता को चुनौती देने वाले एक संगठित हाई-टेक नकल गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। सदर एसडीपीओ अमित कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने बसुआरा निवासी पंकज कुमार और बेगूसराय के रोशन कुमार को गिरफ्तार किया है। ये दोनों अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से अभ्यर्थियों को परीक्षा में नकल कराने का नेटवर्क चला रहे थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
कैसे हुआ भंडाफोड़?
पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब मधुबनी रेलवे स्टेशन के पास चकदह जाने वाले ओवरब्रिज के नीचे एक अस्थायी चाय-कोल्ड ड्रिंक की दुकान पर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को मिली। एसपी योगेन्द्र कुमार ने तत्काल सदर एसडीपीओ अमित कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया। टीम ने मौके पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान मादक पदार्थ तो नहीं मिला, लेकिन एक बॉक्स में छुपाकर रखे गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों ने पुलिस को चौंका दिया। झोले से 5 वॉकी-टॉकी, 1 ईयरबड्स और 1 कनेक्टर डिवाइस बरामद हुए, जिससे नकल कराने के संगठित नेटवर्क की आशंका मजबूत हो गई।
होटल में दबिश और सरगना की गिरफ्तारी
सदर एसडीपीओ अमित कुमार ने बताया कि दुकान संचालक वैजनाथ दास से पूछताछ में पता चला कि बरामद उपकरण पंकज कुमार ने वहां रखवाए थे। पुलिस ने तत्काल शहर के एक होटल में छापेमारी की, जहां पंकज अपने साथी रोशन कुमार के साथ ठहरा हुआ था। दोनों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई तो उन्होंने पूरा सच उगल दिया। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे विभिन्न सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों से अग्रिम रकम लेकर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के माध्यम से नकल कराते हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से 5 वॉकी-टॉकी, 1 ईयरबड्स, 1 कनेक्टर डिवाइस और 3 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
कैसे करता था हाई-टेक नकल गिरोह काम?
जांच में सामने आया कि यह हाई-टेक नकल गिरोह परीक्षा केंद्र के बाहर से वॉकी-टॉकी और कनेक्टर डिवाइस के जरिए प्रश्नपत्र के उत्तर भेजता था। इन उत्तरों को अभ्यर्थी बेहद छोटे ईयरबड्स के माध्यम से सुनकर लिखते थे। इस पूरी प्रक्रिया को इतनी चालाकी से अंजाम दिया जाता था कि परीक्षा कक्ष में निगरानी कर रहे अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगती थी।
जून 2026 की परीक्षा थी निशाने पर
पुलिस के अनुसार, आरोपी पिछले 2-3 दिनों से मधुबनी में ठहरे हुए थे और स्थानीय अभ्यर्थियों से संपर्क साधकर उन्हें इस नकल गिरोह से जोड़ने की कोशिश कर रहे थे। इनका मुख्य लक्ष्य जून 2026 में प्रस्तावित मद्यनिषेध सिपाही भर्ती परीक्षा में बड़े स्तर पर धांधली कर मोटी कमाई करना था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। सदर एसडीपीओ अमित कुमार ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित सरगना की गिरफ्तारी के लिए टीम लगातार छापेमारी कर रही है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/






