
Nitish Kumar Shifting: बिहार की सियासत में एक युग बदलने के साथ ही नीतीश कुमार ने अपना ठिकाना भी बदल लिया है। मुख्यमंत्री आवास 1 अणे मार्ग छोड़कर अब वे 7 सर्कुलर रोड स्थित अपने पुराने घर में लौट आए हैं। लेकिन इस घर वापसी के दौरान जो तस्वीरें सामने आईं, उसने सबको चौंका दिया है और उनकी सादगी की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है।
Nitish Kumar Shifting: सादगी ऐसी कि सब हैरान!
लगभग दो दशकों तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार अब राज्यसभा सांसद के रूप में एक नई भूमिका में हैं। इस पद परिवर्तन के साथ ही, उनका सरकारी आवास 1 अणे मार्ग भी अब उनका ठिकाना नहीं रहा। वे अपने पुराने और चिर-परिचित 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास में शिफ्ट हो गए हैं।
इस पूरी Nitish Kumar Shifting के दौरान सामने आईं तस्वीरों ने उनकी उस सादगी को उजागर किया, जिसकी चर्चा हमेशा से होती रही है। आज के समय में जब नेताओं और अधिकारियों के घरों में दर्जनों एसी और महंगी वस्तुएं आम बात हैं, तब पूर्व मुख्यमंत्री का सामान देखकर हर कोई हैरान था।
1 अणे मार्ग से जब उनका सामान निकला, तो उसमें कोई लग्जरी या दिखावे वाली चीज नहीं थी। एक साधारण ठेले पर उनका पुराना कूलर था। वहीं, एक ट्रैक्टर पर लकड़ी की सामान्य कुर्सी, मेज और पलंग लदे थे। कुछ पिकअप वैन में उनकी पसंदीदा किताबें, पुरानी अलमारियां और गमलों में लगे पौधे जा रहे थे। यह नजारा साफ बता रहा था कि सत्ता के शिखर पर रहने वाले शख्स ने निजी जीवन में वीआईपी कल्चर से कितनी दूरी बनाए रखी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
7 सर्कुलर रोड: एक पुराना रिश्ता, नया अध्याय
नीतीश कुमार के लिए 7 सर्कुलर रोड का नया पता बिल्कुल भी अनजान नहीं है। इस घर से उनका गहरा सियासी नाता रहा है। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद जब जेडीयू को बड़ा नुकसान हुआ था और पार्टी सिर्फ दो सीटों पर सिमट गई थी, तब नीतीश कुमार ने हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उस वक्त उन्होंने जीतनराम मांझी को मुख्यमंत्री बनाया था और 1 अणे मार्ग खाली करके इसी 7 सर्कुलर रोड को अपना आशियाना बनाया था। अब जब उनके पद में एक बार फिर बदलाव आया है, तो वे वापस इसी जगह पर लौट आए हैं।शिफ्टिंग के लिए बुद्ध पूर्णिमा के पवित्र दिन को चुना गया। हिंदू मान्यताओं और शुभ मुहूर्त का पालन करते हुए उन्होंने नए घर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रवेश किया है। यह नया घर सिर्फ एक आवास नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति के एक नए अध्याय का गवाह बनने जा रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
निशांत कुमार: बिहार की सियासत का संभावित नया चेहरा
नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार भी उनके साथ इसी आवास में रहते हैं। राजनीतिक गलियारों में इस बात की तेज चर्चा है कि निशांत कुमार अब यहीं से सक्रिय राजनीति में अपनी भागीदारी तय करेंगे। पिता की सादगी और लंबे राजनीतिक अनुभव के साये में निशांत कुमार अपना राजनीतिक सफर शुरू कर सकते हैं। यह नया आवास सिर्फ एक घर बदलने से कहीं अधिक बिहार की सियासत का एक नया केंद्र बनने वाला है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।







