
Banka Violence: बिहार के बांका जिले में एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल उठ गए हैं। चोरी के मामूली शक पर यहां खूनी खेल खेला गया, जिसमें एक ही परिवार के तीन लोग चाकू और फरसे से हुए हमले में बुरी तरह घायल हो गए। उन्हें गंभीर हालत में भागलपुर रेफर किया गया है।
क्या है बांका में चोरी और हिंसा का पूरा मामला?
बांका के चक्काडीह गांव में चोरी के आरोप को लेकर हुई इस Banka Violence ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। जानकारी के मुताबिक, ट्रक ड्राइवर मणिकांत यादव के घर चोरी हुई थी। इसके बाद उन्होंने कमल किशोर यादव के परिवार पर चोरी का आरोप लगाया।
चाकू-फरसे से किया हमला, बीच-बचाव में परिवार घायल
मंगलवार को कमल किशोर यादव के बेटे संजीव यादव, उनके भाई धर्मवीर यादव और मां सोनी देवी एक शादी समारोह से लौट रहे थे। तभी मणिकांत यादव अपने चार-पांच साथियों के साथ वहां पहुंचे और संजीव यादव पर चाकू और फरसे से जानलेवा हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आए धर्मवीर यादव और सोनी देवी भी इस हमले में घायल हो गए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
पुलिस की कार्रवाई और घायलों का इलाज
घटना के तुरंत बाद घायलों ने बांका थाना पुलिस को सूचना दी, लेकिन आरोप है कि पुलिस मौके पर देर से पहुंची। पुलिस ने पहले घायलों को इलाज कराने की सलाह दी। इसके बाद सभी घायलों को आनन-फानन में बांका अस्पताल ले जाया गया।
बांका में शुरुआती इलाज के बाद, डॉक्टरों ने संजीव यादव, धर्मवीर यादव और सोनी देवी को बेहतर उपचार के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल तीनों घायलों का मायागंज अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं, खास तौर पर जब चोरी का आरोप जैसे संवेदनशील मामले में इतनी बड़ी हिंसा होती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। प्रशासन को ऐसी Banka Violence रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।
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